पीडीएफ कोटे से राज्य सरकार में कबीना मंत्री बने मंत्रीप्रसाद नैथानी ने देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र से ही चुनाव लड़ने का एलान किया है। कहा कि देवप्रयाग की धरती मेरी मां समान है। उसी ने मुझे राजनैतिक जीवन दिया है।
अपनी मां को छोड़कर मैं कहीं नहीं जा सकता। उन्होंने बताया कि कांग्रेस से बात चल रही है कि पीडीएफ के जो सदस्य कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव लड़ना चाहें, उन्हें लड़ाया जाएगा जो सदस्य स्वतंत्र रूप से लड़ना चाहते हैं वहां कांग्रेस का उम्मीदवार खड़ा नहीं होगा। उन्होंने अध्यापकों की नियुक्ति, शिक्षामित्रों के नियमितीकरण में पूरी पारदर्शिता भी बताई।
राज्य विज्ञान मेले का शुभारंभ करने पहुंचे नैथानी ने बताया कि आगामी विधानसभा चुनाव में वह किस दल के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे यह अभी साफ नहीं है। चुनाव आचार संहिता लगने के बाद इस पर अपने अन्य साथियों से मिलकर निर्णय लिया जाएगा।
नैथानी ने कहा कि पहले प्रदेश में शिक्षकों के स्थानांतरण ने एक उद्योग का रूप ले लिया था, इससे पात्र शिक्षकों का नुकसान हो रहा था और सामर्थ्यवान शिक्षक मनचाही जगहों पर पोस्टिंग ले रहे थे। इसे रोकने के लिए उन्होंने शिक्षकों के स्थानांतरण की जो नीति बनाई है, उससे प्रदेश के सभी शिक्षकों को समान रूप से लाभ मिलेगा।
इसे राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश सहित कई प्रदेशों ने भी अपनाया है। इससे विभाग में पारदर्शिता बढ़ी है। गेस्ट टीचरों की समस्या पर उनका कहना था कि सरकार उनकी समस्याओें के प्रति गंभीर है, जल्द ही उनकी समस्याओं का भी समाधान निकाला जाएगा।
पीडीएफ को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय की टिप्पणियों पर नैथानी का कहना था कि वह कांग्रेस की नीतियों के हिसाब से जो भी बयान दे रहे हैं, वह उनकी पार्टी का अंदरूनी मामला है। पीडीएफ के साथ संबंधों को तय करने का मामला कांग्रेस आलाकमान के स्तर का है, जिसे समय आने पर पीडीएफ और कांग्रेस आलाकमान सुलझा लेगा।
आगामी चुनाव के बारे में कहा कि मैं सेकुलर फोर्स का सिपाही रहा हूं, भविष्य में इसी ताकत के साथ खड़ा रहूंगा। विज्ञान महोत्सव में आए प्रदेशभर के बच्चों के रहने की व्यवस्था ठीक न होने के सवाल पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए इस पर कार्रवाई की बात भी कही।
इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष सुमित्रा प्रसाद, उत्तराखंड बोर्ड के अपर सचिव विनोद प्रसाद सिमल्टी, बृजमोहन रावत, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष आशा बिष्ट, शेर सिंह लटवाल आदि थे।