भवाली (नैनीताल)। कोविड के चलते इस साल भी कैंची धाम के स्थापना दिवस पर श्रद्धालुओं ने अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे से ही बाबा नीब करौरी के दर्शन किए। मंदिर की पूजा-अर्चना में सामाजिक दूरी का ख्याल रखते हुए बाबा की आरती की गई। पुलिस के जवान मुख्य गेट पर मुस्तैद रहे। अनुमान है कि देर शाम तक लगभग छह हजार श्रद्धालुओं ने सड़क से बाबा के दर्शन किए।
मंदिर समिति के अध्यक्ष विनोद जोशी ने कहा कि इस साल भी कोविड के चलते सूक्ष्म रूप में मेले का आयोजन किया गया। मंत्रोच्चारण के साथ बाबा को 10:13 बजे भोग लगाकर पुजारियों ने देश दुनिया में शांति रखने के लिए बाबा से प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि आगामी वर्षों में नीब करौरी महाराज के आशीर्वाद से स्थापना दिवस और भव्य रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान भय्यू दा, एमपी सिंह, सुरेश फुलारा, प्रमोद साह, नवनीत बिनवाल, ज्ञानी बिष्ट, गिरीश तिवारी आदि ने सहयोग किया। उधर, एसडीएम कोश्याकुटौली विनोद कुमार, कोतवाल आशुतोष कुमार सिंह कैंची में पुलिस टीम के साथ कोविड के नियमों का पालन कराने में जुटे रहे।
मुख्य गेट पर ही दे रहे थे चढ़ावा
कोविड के चलते कैंची धाम में प्रवेश न होने पर ऐसे में लोग महाराज के दरबार में चढ़ाने के लिए घी, फल, कंबल सहित तमाम तरह के चढ़ावे को मंदिर के मुख्य गेट से दे रहे थे। मंदिर के अंदर किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जा रहा था।
कैंची में पौधे रोपे
कैंची मंदिर के प्रतिष्ठा दिवस पर सृष्टी जनकल्याण समिति की अध्यक्ष खष्टी बिष्ट के नेतृत्व में कैंची धाम पर पौधरोपण किया गया। इस दौरान निशा बिष्ट, पवन कुमार, धनी दुम्का, प्रीति बिष्ट, नीरज जोशी ने सहयोग किया।
घर में ही लगाया गया भोग
भवाली (नैनीताल)। हजारों की संख्या में लोगों की मौजूदगी, दर्शन के लिए कई किमी की लंबी लाइन, जय बाबा के नारे और दर्शन के बाद खास प्रसाद के रूप में माल-पुवे का भोग...। भवाली से लेकर कैंची धाम और कैंची से आगे भी गरमपानी तक लोगों का यह हुजूम हर बार उमड़ता था बाबा नीब करौरी महाराज के मंदिर कैंची में 15 जून को आयोजित होने वाले वार्षिक भंडारे में।
कई भक्त तो दो महीने पहले ही यहां पहुंचकर व्यवस्थाओं में लग जाते थे। मंदिर के मेले की शुरुआत होती थी बाबा को भोग लगाकर लेकिन इस बार बाबा का भोग भक्तों ने अपने घरों में लगाया। भक्तों ने बाबा के चित्र पर भोग लगाकर उन्हें नमन किया। देश ही नहीं विदेश से भी 15 जून को लोग यहां पहुंचते थे। फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग सहित तमाम अन्य हस्तियां भी उनकी भक्त हैं। 15 जून को मंदिर का आलम यह होता था कि यहां एक लाख से ज्यादा लोग उमड़ते थे। भवाली से ट्रैफिक अल्मोड़ा के लिए वाया रामगढ़ डायवर्ट कर दिया जाता था ताकि कैंची में जाम नहीं लगे। इसके बावजूद भवाली से कैंची मंदिर तक भक्तों का रेला उमड़ता था। भवाली निवासी रुचि बेलवाल, राजीव पांडे, कैंची निवासी चंपा तिवारी, हल्द्वानी निवासी तनुजा जोशी सहित तमाम लोगों ने महाराज की पूजा-पाठ कर घर से ही माल पुए बनाकर उन्हें भोग लगाया।
सोशल मीडिया पर शेयर की फोटो और वीडियो
बाबा के तमाम भक्तों ने सोशल मीडिया पर पिछले सालों में यहां पहुंचने के अपने वीडियो, फोटो शेयर कर बाबा को नमन किया। सभी भक्त 15 जून को कैंची पहुंचना चाहते थे लेकिन कोरोना के चलते ऐसा नहीं हो सका। लिहाजा उन्होंने सोशल मीडिया पर ही अपनी भावनाएं व्यक्त की।