भवाली (नैनीताल)। कैंची धाम में रविवार को भी श्रद्धालुओं को शटल सेवा से भेजा गया। भीमताल और भवाली में श्रद्धालुओं के वाहनों को खड़ा करने के बाद शटल से कैंची धाम भेजने से जाम की समस्या कम देखने को मिली। पुलिस अधिकारी और कर्मचारी सुबह से शाम तक मुस्तैद रहे। रविवार सुबह छह बजे से शाम सात बजे तक 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन किए। पुलिस ने पहाड़ की ओर आवाजाही करने वाले यात्रियों को डायवर्ट करके भेजा। इसके चलते भवाली, खैरना और गरमपानी बाजार क्षेत्र के व्यापारी और रेस्टोरेंट संचालक परेशान नजर आएं। व्यापारियों का कहना है कि हर सप्ताहांत पर रूट डायवर्ट होने से उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। कैंची धाम होटल एसोसिएशन अध्यक्ष भुवन तिवारी ने जिला प्रशासन से सेनिटोरियम-रातीघाट बाईपास पर डामरीकरण कराकर यातायात सुचारू करने की मांग की है।
सुबह से शाम तक रोके रखें भारी वाहन
गरमपानी (नैनीताल)। भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार सुबह से शाम तक पुलिस को भारी वाहनों को रोकना पड़ा। कैंची धाम में यातायात व्यवस्था बनाने के लिए खैरना चौकी पुलिस ने रानीखेत और अल्मोड़ा की ओर से आने वाले भारी वाहनों को खैरना में रोके रखा। चौकी प्रभारी सतीश चंद्र उपाध्याय ने बताया कि रात को भारी वाहनों को बारी-बारी से छोड़ा गया। संवाद
ट्रैफिक पाबंदियों से नैनीताल का पर्यटन कारोबार पर असर
व्यापारियों में रोष, यातायात व्यवस्था बेहतर करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
नैनीताल। नैनीताल और कैंची धाम में पुलिस प्रशासन की ओर से लागू किए गए ट्रैफिक प्लान के चलते स्थानीय पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है। त्योहारी सीजन और लंबे वीकेंड के बावजूद नैनीताल और आस-पास के पर्यटन स्थलों में उम्मीद के मुताबिक पर्यटकों की चहल-पहल देखने को नहीं मिली, जिससे स्थानीय व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
नैनीताल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह बिष्ट ने बताया कि होटलों के करीब 40 फीसदी कमरे खाली पड़े हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस इस रूट की तुलना चार धाम यात्रा मार्ग से करके गलती कर रही है। चार धाम जाने वाले मार्ग आगे जाकर समाप्त हो जाते हैं, जबकि कैंची धाम मार्ग एक व्यस्त नेशनल हाईवे है, जो पूरे कुमाऊं मंडल को जोड़ता है। इस रूट पर बेवजह गाड़ियां रोकने का सीधा असर समूचे कुमाऊं क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और व्यापार पर पड़ रहा है। व्यापारियों ने मांग की है कि पर्यटकों को रोकने के बजाय सुचारू प्रवेश व्यवस्था बनाई जाए। संवाद