चंपावत के कई इलाकों में बंदरों की दहशत
- फोटो : अमर उजाला
काठगोदाम के देवलढूंगा में बंदरों के आतंक के चलते लोग परेशान हो गए हैं। बंदर घरों के भीतर घुसकर खाद्य सामग्री उठाकर ले जा रहे हैं। कपड़े, बर्तन आदि इधर-उधर फेंक रहे हैं। बच्चों और महिलाओं पर हमला कर उन्हें काटने दौड़ रहे हैं। पास ही स्थित पोस्टआफिस में घुसकर सरकारी रिकार्ड इधर-उधर फैला रहे हैं। कर्मचारी भी भयभीत हैं।
देवलढूंगा क्षेत्र में 200 परिवार रहते हैं। लोगों ने बताया कि हर रोज बंदरों का झुंड इलाके में घुसकर लोगों के सामान को नुकसान पहुंचा रहा है। बंदर लोगों की मौजूदगी में भी घरों के भीतर घुसकर बर्तन इधर-उधर फेंक देते हैं। साथ ही खाद्य सामग्री उठा ले जा रहे हैं। बेखौफ बंदरों को भगाने पर वह महिलाओं और बच्चों पर झपट पड़ते हैं।
उनके डर से लोग उन्हें भगा भी नहीं पा रहे हैं। बाहर सुखाने के लिए रखे कपड़ों को फाड़ रहे हैं। आसपास लोगों के खेत, खलिहान और आंगन में उगी फसलों, सब्जियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। बंदरों ने यहां स्थित पोस्टआफिस के भीतर घुसकर सरकारी रिकार्ड को भी नुकसान पहुंचाया है।
क्षेत्र के दीवान राम, रघुनाथ प्रसाद, प्रवीण कुमार, विनोद कुमार ने कहा कि कई बार वन विभाग के अफसरों को बंदरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए शिकायत कर चुके हैं लेकिन विभागीय अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।