ओखलकांडा के चमोली प्राथमिक स्कूल में शिक्षकों के न आने से बाहर से खड़े बच्चे। संवाद न्यूज एजेंसी
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पतलोट (नैनीताल)। चमोली के राजकीय प्राथमिक स्कूल में तेज बारिश भी बच्चों की पढ़ने की लगन को मिटा नहीं सकी। शनिवार को बच्चे तो स्कूल पहुंच गए लेकिन शिक्षकों नदारद रहे। इसके चलते ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है।
इस स्कूल में 64 बच्चे पढ़ते हैं और इन्हें पढ़ाने के लिए दो शिक्षक तैनात हैं। शनिवार को तेज बारिश होने के बाद भी 17 बच्चे पढ़ने के लिए स्कूल पहुंचे लेकिन एक भी शिक्षक उपस्थित नहीं था।
शिकायत मिलने उप शिक्षाधिकारी कमलेश्वरी मेहता ने बच्चों को पास ही के उच्च प्राथमिक स्कूल में वैकल्पिक तौर पर एक दिन के लिए बैठा दिया। उन्होंने बताया कि शिक्षक शंकर दत्त परगांई ट्रेनिंग के लिए बाहर गए हैं। जबकि शिक्षक चंद्रशेखर जलाल अपने मूल स्कूल कैड़ागांव गए हुए हैं। इसलिए रवींद्र कुमार को स्कूल चलाने की जिम्मेदारी दी गई थी लेकिन वह भी अनुपस्थित रहे।
प्रधान विनोद कुमार ने अनुपस्थित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसएमसी अध्यक्ष तेज सिंह चिलवाल ने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और संकुल प्रभारी को पहले भी लिखित रूप से कई बार बच्चों की पढ़ाई बाधित होने की जानकारी दी गई थी लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
जिला पंचायत सदस्य मीना चिलवाल ने बताया कि उन्होंने चमोली प्राथमिक स्कूल में बच्चों की संख्या को देखते हुए शिक्षा विभाग से इसे आदर्श विद्यालय बनाने की मांग की थी। जिससे स्कूल को पांच शिक्षक मिल पाते। अभिभावक संघर्ष समिति के संयोजक खड़क सिंह बर्गली ने कहा कि स्कूलों में शिक्षकों की कमी के चलते ही सरकारी स्कूलों का बुरा हाल है और निजी स्कूल फल फूल रहे हैं।