एक विक्षिप्त महिला पिछले 10-15 दिनों से नगर में घूम रही है। मल्लीताल बाजार में श्रीगुरु ज्वैलर्स की दुकान के आगे अपने कपड़े, कंबल के साथ उसने डेरा जमा रखा है। आसपास के लोग उसके भोजन की व्यवस्था कर रहे हैं। सवाल यह है कि यह विक्षिप्त महिला कौन है और कहां से नैनीताल तक आ पहुंची?
इस विक्षिप्त महिला से जब पूछा गया तो उसने खुद को इलाहाबाद के मूरतगंज का निवासी बताया तो कभी सुल्तानपुर, कभी बुलंदशहर, कभी मुंबई तो कभी बरेली से यहां आने की बात कह रही है। अपना नाम सलमा बताने वाली यह महिला पति का नाम धरमपाल बता रही है। यह सवाल उससे कई बार घुमा फिराकर पूछा गया लेकिन हर बार उसने अपना और पति का नाम यही नाम दोहराया। अपनी धुन में खोई महिला पति के संबंध कहती है कि वह अभी कमाने गया है। नैनीताल कैसे आई पूछने पर उसने बताया कि मेरठ तक ट्रेन से आई। फिर गाड़ी में बैठकर यहां तक आ पहुंची, लेकिन थोड़ी देर बाद पूछने पर उसने बताया कि उसका पति उसे यहां छोड़ गया। कुछ समय बाद जब उससे फिर यहां पहुंचे की बात पूछी तो उसने कहा कि शिवाला गई थी। कहां के शिवाला गई कुछ पता नहीं।
अभी विक्षिप्त महिला के यहां आने की कोई जानकारी नहीं मिली है। सोमवार को समाज कल्याण के अधिकारियों से बात कर उसके पुनर्वास या विस्थापन के संबंध में कार्रवाई की जाएगी।
- आशीष चौहान, संयुक्त मजिस्ट्रेट