कुमाऊं विश्वविद्यालय के सभी विज्ञान विभागों को आगामी वर्ष 2025 तक कम से कम एक पेटेंट दाखिल करना अनिवार्य किया गया है। इसके लिए विश्वविद्यालय की ओर से दो पेटेंट अधिवक्ता भी नियुक्त किए गए हैं, जो प्राध्यापकों को पेटेंट फाइल करने में मदद करेंगे। इसके लिए विवि की ओर से पांच लाख रुपये पेटेंट सेल को दिए हैं ताकि पेटेंट दाखिल करने की लागत विवि वहन कर सके।
कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दीवान एस रावत ने कहा विवि की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में सुधार तभी संभव है जब हम अपने शिक्षण के स्तर को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाएं। हमें अपनी शिक्षा प्रणाली में नवाचारों का समावेश करना होगा और छात्रों के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित करना होगा। प्रो. रावत ने कहा कि उनका प्रयास है कि शिक्षक नए शोध प्रकल्पों पर काम करें, उच्च स्तरीय शोध पत्र प्रकाशित करें और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लेकर विश्वविद्यालय का नाम रोशन करें। उन्होंने बताया कि सभी विज्ञान विभागों को मार्च 2025 तक कम से कम एक पेटेंट दाखिल करने को कहा गया है।