अखिल भारतीय किसान महासभा ने शनिवार को नगर में जुलूस निकालकर राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने बिंदुखत्ता में तीन साल पहले हुई आठ साल की बच्ची की दुष्कर्म के बाद गला घोंट कर हत्या के मामले में हाईकोर्ट में पैरवी पर राज्य सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पैरवी में लापरवाही के चलते हत्यारोपी दोषमुक्त हो गया।
स्टेशन चौराहे पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए किसान महासभा के राज्य अध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा ने बच्ची हत्याकांड प्रकरण में हाईकोर्ट में सही पैरवी न करने के लिए राज्य की कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जब निचली अदालत ने दोष सिद्ध होने पर फांसी की सजा सुनायी थी, तो जाहिर रूप से राज्य सरकार ने जानबूझ कर केस में लापरवाही बरती और अपराधी को बचा लिया।
शर्मा ने कहा कि हर तरफ अपराधियों, माफिया का बोलबाला है। उन्होंने राज्य सरकार से इस मामले पर तत्काल सर्वोच्च न्यायालय में अपील दाखिल करने, पैरवी के लिए सही वकील नियुक्त करने की मांग की है। भाकपा माले जिला सचिव कैलाश पांडेय ने कहा कि इस केस में अपराधी को सजा दिलाना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि बच्ची के हत्यारे को सजा मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। कामरेड बहादुर सिंह जंगी ने कहा कि राज्य सरकार ने इस मामले में जानबूझ कर अपराधी को बचाने का काम किया है। उनका संगठन इसका विरोध करेगा। ललित मटियाली ने सभा का संचालन किया।
सभा को किसान महासभा के जिला सचिव राजेंद्र शाह, बिंदुखत्ता अध्यक्ष बसंती बिष्ट, एपवा की विमला रौथाण, प्रगतिशील महिला केंद्र की बिंदु गुप्ता, किसान महासभा के नेता भुवन जोशी, कमलापति जोशी, पुष्कर दुबड़िया, गोविंद जीना, आइसा नेता भाष्कर कापड़ी, महेश चंद्र, कमल जोशी, नवीन राम आर्या ने भी संबोधित किया।