रामनगर। आईएमपीसीएल फैक्टरी के निजीकरण का राज्य आंदोलनकारियों ने विरोध किया है। शुक्रवार की एसडीएम गोपाल सिंह चौहान के माध्यम से मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री को भेजे ज्ञापन में राज्य आंदोलनकारी प्रभात ध्यानी ने कहा कि आईएमपीसीएल सरकार को मुनाफा देने के अलावा हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध कराने वाली कंपनी है। वर्तमान में वहां 200 से अधिक स्थायी कर्मचारी जबकि 300 से अधिक अस्थायी मजदूर काम कर रहे हैं। उन्होंने कंपनी के निजीकरण की प्रक्रिया को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। यहां चंद्रशेखर जोशी, अनिल अग्रवाल खुलासा, पुष्कर दुर्गापाल, इंद्र सिंह मनराल, हाफिज सईद अहमद, योगेश सती, रईस अहमद, नईम चौधरी, डॉ. निशांत पपनै आदि मौजूद थे।