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2050 में हल्द्वानी के लिए होगी 203 एमएलडी पेयजल की जरूरत

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पानी - फोटो : pixabay
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हल्द्वानी। सिंचाई विभाग ने जमरानी बांध परियोजना को लेकर 2050 तक हल्द्वानी की पेयजल की जरूरत की जानकारी जलसंस्थान से मांगी है। जलसंस्थान से मिली जानकारी के मुताबिक 2050 तक मौजूदा आबादी में 30 फीसदी वृद्धि के हिसाब से शहर के लिए 203 एमएलडी पानी की जरूरत होगी। जबकि वर्तमान में जलसंस्थान के पास 80 एमएलडी पेयजल की जरूरत है। यह रिपोर्ट 11 जुलाई को दिल्ली में बांध परियोजना को लेकर होने जा रही पीएमओ की बैठक में रखी जाएगी।
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सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता एमसी पांडे ने बताया कि पीएमओ बैठक के लिए जमरानी बांध परियोजना को लेकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। बांध का मुख्य मकसद भाबर की पेयजल और यूपी, तराई की सिंचाई व्यवस्था करना है। पेयजल और सिंचाई को प्रमुखता से लेते हुए रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। उन्होंने बताया कि जलसंस्थान से पेयजल संबंधी जो रिपोर्ट मिली है उसमें वर्तमान में शहर के लिए 80 एमएलडी (33.33 क्यूसेक) पेयजल की जरूरत है। गौला बैराज से जलसंस्थान को 30 एमएलडी (12.50 क्यूसेक), नलकूपों से वर्तमान में 38 एमएलडी (15.83 क्यूसेक) पानी मिल रहा है। 2050 में आबादी में 30 प्रतिशत वृद्धि के हिसाब से 84.58 क्यूसेक (203 एमएलडी) पेयजल की जरूरत हल्द्वानी शहर के लिए होगी। पीएमओ बैठक में अन्य जो भी जानकारियां मांगी जाएंगी, उन्हें उसी समय तत्काल उपलब्ध करा दिया जाएगा। जमरानी की टीम बृहस्पतिवार को पूरे दिन मुख्य अभियंता दफ्तर में मौजूद रहेगी।
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