नंधौर अभ्यारण्य को टाइगर रिजर्व बनाने के लिए हुई जन सुनवाई में वन विभाग के अफसरों को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने टाइगर रिजर्व का सड़क से लेकर संसद तक विरोध जताने का ऐलान किया। दो ने तो आत्महत्या तक की धमकी दे दी। विरोध इतना ज्यादा था कि वन विभाग के अधिकारी टाइगर रिजर्व के लाभ तक नहीं गिना पाए।
बृहस्पतिवार को नंधौर अभ्यारण्य में टाइगर रिजर्व प्रोजेक्ट बनाने को लेकर जन सुनवाई के लिए प्रभागीय वनाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सनवाल और अन्य वन अधिकारी चोरगलिया पहुंचे थे। जन सुनवाई में करीब 500 लोग एकत्र भी हुए। जिला पंचायत सदस्य प्रकाश गजरौला ने कहा जनता टाइगर रिजर्व प्रोजेक्ट को नहीं चाहती। विधायक लालकुआं नवीन दुम्का इस प्रोजेक्ट के विरोध में विधान सभा में तकरीबन 500 हस्ताक्षर के साथ प्रस्ताव रख चुके हैं।
लोगों ने भी टाइगर रिजर्व प्रोजेक्ट को रोकने के लिए प्रभागीय वनाधिकारी को एक ज्ञापन भी दिया था। पूर्व प्रधान जीवन चौसाली और सुरजीत कौर ने कहा कि नंधौर अभ्यारण्य को विकसित नहीं किया गया। भुवन पोखरिया ने कहा कि अगर टाइगर रिजर्व का विरोध वह सड़क से संसद तक किया जाएगा। श्याम लाल और ममता जोशी ने टाइगर रिजर्व बनने पर आत्मदाह तक की धमकी दी। डॉ. सनवाल परियोजना के फायदे तक नहीं गिना पाए। ग्रामीणों ने तय किया कि 15 जून को होने वाली वन्य जीव जंतु प्रतिपालक की बैठक में भी विरोध जताया जाएगा। इस मौके पर प्रभागीय उप वनाधिकारी आनंद आर्या, वन क्षेत्राधिकारी लालित मोहन त्रिपाठी, कैलाश थुवाल, महेश बेलवाल, भुवन पनेरू, प्रकाश बेलवाल, सुरजती कौर, कमला देवी, हेमा परगाई, ममता जोशी, प्रदीप फर्त्याल आदि मौजूद थे।