नैनीताल हाईकोर्ट ने बुधवार को यूकेएसएसएससी परीक्षा गड़बड़ी मामले में सुनवाई के बाद निर्णय सुरक्षित रख लिया है। बुधवार को कोर्ट में प्रस्तुत प्रगति रिपोर्ट में सरकार की ओर से बताया गया कि एसटीएफ 41 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। 28 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
सरकार की ओर से बताया गया कि इस मामले से जुड़ी 80 फीसदी जांच एसटीएफ पूरी कर चुकी है। एसटीएफ की जांच पर कोई संदेह नहीं है। इसलिए सीबीआई से जांच कराने की जरूरत नहीं है। इस आधार पर याचिका को खारिज किया जाए। सुनवाई वरिष्ठ न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा की एकलपीठ के समक्ष हुई।
खटीमा विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक भुवन कापड़ी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि यूकेएसएसएससी परीक्षा में हुई गड़बड़ी की जांच एसटीएफ सही तरीके से नहीं कर रही है। अभी तक जो गिरफ्तारियां हुई हैं वह छोटे लोगों की हुई हैं। धांधली में उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के कई बड़े अधिकारी और नेता शामिल हैं। सरकार उन्हें बचा रही है। इसलिए मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कहा कि उनके संशोधित शपथपत्र दाखिल करने के बाद ही एसटीएफ ने यूकेएसएसएससी के पूर्व चेयरमैन व अन्य पूर्व पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया है। याचिका में कहा कि 2020 की परीक्षा में नकल से जुड़े मामले में मंगलौर और पौड़ी में दो एफआईआर दर्ज हुईं थीं। उन पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। बिना सीबीआई जांच के मामला पूरी तरह नहीं खोला जा सकता।