गुरुवार रात करीब साढ़े दस बजे कलसिया नाले के उफान पर आने के कारण नाले के किनारे बसे बद्रीपुरा क्षेत्र में आलम यह है कि यहां के सारे घर मलबे और पानी से भर गए और घरों में रखा सारा सामान पानी की भेंट चढ़ गया। स्थानीय निवासी विजय कुमार ने बताया कि जब नाला उफान पर आया और तेज पानी के साथ उनके घरों में मलबा भर गया, तब वे घर में बैठकर खाने की तैयारी कर रहे थे।
बारिश के बाद उफान में नदियां
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मलबा इतनी तेजी से आया कि वह कुछ समझ नहीं सके। आननफानन बच्चों को लेकर ऊपरी मंजिल पर भागे और जब नीचे आकर देखा तो सारा फर्नीचर तथा कपड़े खराब हो चुके थे। घर में रखा खाने-पीने का सामान और अन्य राशन बह गया। भीम सिंह ने बताया कि उनका पूरा घर बोल्डर और कीचड़ से भर गया था। किसी तरह परिजनों को निकाला। इस बीच बिजली गुल हो गई थी। इस वजह से भी सामान को बचाने में दिक्कत हुई।
पड़ोस में रहने वाली रामप्यारी ने बताया कि हम तो पूरे परिवार के साथ खाना खा रहे थे। जैसे ही मैं किचन में दोबारा खाना लेने गई, तभी जोर के धमाके के साथ कलसिया नाले का कीचड़ घर में घुस गया। घटना से क्षेत्र में चीखपुकार मच गई। एक दूसरे की मदद करने का किसी को मौका ही नहीं मिला।
आंखों में आंसू लिए बाल्टी और बेलचों से निकालते रहे मलबा
प्रभावित घरों से रानी देवी, राजीव कुमार, मनीष कुमार, मोहम्मद युनुस आदि के परिवार के सभी सदस्य बाल्टी, बेलचे और अन्य बर्तनों की मदद से पानी और मलबा निकालने में जुटे रहे। मोहम्मद युनुस ने बताया कि तेज बहाव से आए मलबे के समय वे सात परिजन घर में ही फंसे रह गए। बमुश्किल बाद में बच्चों और महिलाओं को सुरक्षित निकाला।
घरों से बाहर पानी निकालते लोग
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विधायक ने दिलाया मदद का भरोसा
बद्रीपुरा में भारी नुकसान की खबर पाकर विधायक सुमित हृदयेश अपने साथियों के साथ प्रभावित लोगों के बीच पहुंचे। उन्होंने प्रभावित लोगों का हाल जाना और सभी को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। प्रशासन की ओर से एसडीएम परितोष वर्मा और तहसीलदार सचिन कुमार ने भी प्रभावितों का हाल जाना और बताया कि नुकसान का सर्वे कराकर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।