हल्द्वानी। नैनीताल में कुत्तों के हमले से खाई में गिरने से घायल हुई राजस्थान की दस साल की एमतुल्ला जिंदगी की जंग हार गई। उसने बृहस्पतिवार को एम्स ट्रामा सेंटर में उपचार के दौरान दम तोड़ा। राजस्थान के सवाड़ी निवासी अब्बास फारूखी पत्नी, बेटा-बेटी के साथ पिछले हफ्ते नैनीताल घूमने आए थे।
रविवार को वह होटल से बाहर निकल कर टैक्सी स्टैंड की ओर आ रहे थे। आवारा कुत्तों के झुंड ने उनकी दस साल की बेटी एमतुल्ला पर हमला बोल दिया। एमतुल्ला इन कुत्तों से बचने के लिए एक दीवार पर चढ़ी और 30 फुट खाई में गिर गई।
गंभीर हालत में उसे बीडी पांडे जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां से हल्द्वानी रेफर किया गया। यहां हालत में कोई सुधार नहीं होने पर सोमवार की देर शाम दिल्ली रेफर कर दिया। मंगलवार तड़के उसे एम्स के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। बृहस्पतिवार की दोपहर को करीब एक बजे एमतुल्ला ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। अब्बास बेटी का शव लेकर राजस्थान रवाना हो गए हैं।
कुत्ते नहीं, पूरी व्यवस्था कातिल है
हल्द्वानी। एमतुल्ला की मौत पर बदहवास मां ने रोते बिलखते हुए कहा कि अगर मेरी बेटी को समय से एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया जाता तो शायद बेटी की जान बच जाती, लेकिन दो किमी की दूरी पौन घंटे में तय हुई। उन्होंने कहा कि नाम नैनीताल और अस्पताल में एक ऑक्सीजन सिलेंडर तक नहीं है। समय पर ऑक्सीजन नहीं मिलने से उनकी बेटी की जान चली गई। उन्होंने कहा कि कुत्तों के साथ-साथ पूरी व्यवस्था बच्ची की कातिल है।
अब कभी नैनीताल नहीं आऊंगा
हल्द्वानी। एमतुल्ला के पिता अब्बास ने रोते हुए कहा कि अब वे कभी नैनीताल नहीं आएंगे न ही किसी रिश्तेदार से आने को कहेंगे। नैनीताल ने उनकी प्यारी सी हंसती खेलती मासूम बिटिया छीन ली। हां, हल्द्वानी के लोगों का प्यार और जो मदद मिली उसको कभी नहीं भूल पाएंगे।