कार्बेट पार्क के बिजरानी रेंज में बाघ के शावक के घायल होने की सूचना से विभाग में खलबली मच गई। वनकर्मियों उसे इलाज के लिए ले जा रहे थे कि रास्ते में उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव को नष्ट कर दिया गया।
मंगलवार को बिजराजी रेंज की पूर्वी बीट के कंपार्टमेंट नंबर 16 में सुबह की पाली में घूमने जा रहे एक पर्यटक जिप्सी चालक ने बाघ के एक शावक को घायल हालत में देखा। उसकी सूचना पर पहुंचे वन कर्मचारी ने उसे कब्जे में लेते हुए पशु चिकित्सालय के लिए रवाना हुए। लेकिन शावक ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
बाद में सूचना पर पार्क के निदेेशक सुरेंद्र मेहरा, उपनिदेशक अमित वर्मा, पार्क वार्डन शिवराज सिंह, रेंजर राजकुमार मौके पर पहुंचे। जांच के बाद उन्होंने बताया कि यह मादा शावक बाघ था, जिसकी उम्र करीब साढे़ चार माह है। उसकी मौत के असल कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही चल पाएगा।
पशु चिकित्सक डॉ दुष्यंत ने शव का पोस्टमार्टम किया। बाद में शव को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
शावक को बीमारी के चलते तो नहीं छोड़ गई बाघिन
पार्क के निदेशक सुरेंद्र मेहरा के मुताबिक मादा शावक को बीमारी के चलते उसकी मां ने छोड़ दिया होगा। अभी उसके दूध के दांत भी नहीं टूटे थे। महज साढे़ चार माह की उम्र में वह खुद शिकार करने में असमर्थ था और इस कारण काफी समय से भूखा भी था।
पोस्टमार्टम में उसका पेट खाली मिला है। मेहरा ने बताया कि बाघिन को दो-तीन शावक सुरक्षित पालने में काफी कठिनाई होती है। हो सकता है इस शावक के बीमार होने के चलते बाघिन इसे छोड़ गई होगी। संबंधित क्षेत्र में इन दिनों एक बाघिन कुछ शावकों के साथ लगातार नजर आ रही है, हो सकता है यह उसी का शावक रहा हो।