अल्मोड़ा/भिकियासैंण। जिले के दूरस्थ ब्लॉक स्याल्दे में महिला की मिट्टी के टीले के नीचे दबने से मौत हो गई है। महिला के साथ उसकी दो बेटियां भी मिट्टी लेने गईं थी। अपने सामने हुई इस हादसे से दोनों बेटियां सदमे में हैं। बताया गया है कि परिजनों ने राजस्व पुलिस को सूचना नहीं दी और पोस्टमार्टम किए बगैर शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
स्याल्दे विकासखंड के ग्राम तामाढौन निवासी हेमा देवी (48) पत्नी गोविंद सिंह शनिवार की सुबह घर से करीब 400 मीटर दूर घर की लिपाई के लिए लाल मिट्टी लेने गई थी। बेटी कंचन और खुशबू भी मां के साथ गईं थी। हेमा देवी मिट्टी के टीले को खोद कर मिट्टी निकाल रही थी। इसी दौरान ऊपर से मिट्टी का टीला भरभराकर उसके ऊपर गिरने से वह टीले के नीचे दब गई। बेटियों के शोर मचाने पर पहुंचे ग्रामीणों ने मशक्कत के बाद मिट्टी में हेमा को बाहर निकाला। उसे 108 सेवा से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भिकियासैंण ले जाया जा रहा था कि रास्ते में महिला ने दम तोड़ दिया। मौत के बाद ग्रामीण उसे वापस गांव ले आए। मृतका का पति खेती करता है। सबसे बड़ी पुत्री का विवाह हो चुका है जबकि खुशबू, कंचन, विद्या माता-पिता के साथ ही रहती हैं। महिला की मौत से परिवार में मातम पसरा है। बेटियां और पति का रो-रोकर बुरा हाल है।
टीले से मिट्टी खुदाई के दौरान बरतें सावधानी
अल्मोड़ा। पहाड़ के गांवों में घर की लिपाई के लिए लाल मिट्टी इस्तेमाल की जाती है। लाल मिट्टी को गोबर में मिलाकर घर की लिपाई- पुताई होती है। गांवों में आज भी मिट्टी से ही घर की लिपाई करने का प्रचलन है। इसके लिए महिलाएं मिट्टी के टीलों से खुदाई करती हैं। लगातार खुदाई करने के बाद मिट्टी का टीला अंदर से खोखला हो जाता है। टीले के अंदर बड़ी गुफा तक बन जाती है। कई बार महिलाए इसके अंदर घुसकर खुदाई करती हैं। इससे उनकी जान खतरे में आ जाती है। जिले में मिट्टी के टीले से मिट्टी खुदाई के दौरान पूर्व में भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। जानकारों का कहना है कि महिलाओं को टीले से मिट्टी खुदाई के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।