मुनस्यारी दरकोट निवासी कानूनगो गोविंद सिंह टोलिया ने दोनों बेटों रविंद्र टोलिया और त्रिभुवन सिंह टोलिया को पढ़ने के लिए हल्द्वानी भेजा था। दोनों कृष्ण बिहार कालोनी में रहते थे, लेकिन परिजनों को पता नहीं था कि त्रिभुवन अपने मित्रों के साथ अल्मोड़ा जा रहा है।
मौत की सूचना मिलने के बाद कानूनगो अपनी पत्नी के साथ मुनस्यारी से जोहार मिलन केंद्र पहुंचे। बेटे का शव देखते ही मां का रोते-रोते बुरा हाल हो गया। पिता भी गमगीन हो गए। उन्होंने जिस लाडले के लिए बड़ा आदमी बनाने का सपना देखा था वह उनके सामने मृत पड़ा था। इसी प्रकार का हाल सुरभि कालोनी निवासी रिटायर्ड सैनिक लक्ष्मण सिंह के घर का था। मौत की सूचना मिलने पर काफी लोगों की भीड़ उनके घर में इकट्ठा हो गई। लोग गमगीन थे।
परिजनों का कहना था कि रात में मनोज ने फोन कर बताया कि वह किसी दोस्त के बर्थडे पार्टी में है। परिजनों को उसके अल्मोड़ा जाने के बारे में जानकारी नहीं थी। बेटे का शव देखते ही फौजी पिता उससे लिपट गए। मौके पर उपस्थिति लोग पिता को पकड़कर कमरे में ले गए। फौजी भाई धीरू का पोस्टमार्टम हाउस से ही रोते-रोते बुरा हाल था।