हल्द्वानी। अपनी मां का शव लेने के लिए बेटी सात समंदर पार अमेरिका से हल्द्वानी पहुंचीं। पोस्टमार्टम कराने के बाद मां के शव को लेकर वह जागेश्वरधाम चली गईं। बेटी का कहना था कि उसकी मां की अंतिम इच्छा थी कि जागेश्वर धाम में उसका अंतिम संस्कार होना चाहिए। मां की इच्छा पूरी करने के लिए वह यहां आई हैं।
अमेरिका के न्यू मैक्सिको टेक्सास की रहने वाली कीकी शक्ति फिल्मकार हैं। उनकी 63 वर्षीय मां वेटी क्लैरी रोजर की अस्थमा के अटैक के चलते 20 नवंबर को मौत हो गई थी। उसी दिन रात में उसे मां के मौत की जानकारी मिली तो हतप्रभ रह गईं। बृहस्पतिवार की सुबह हवाई मार्ग से दिल्ली और सड़क मार्ग से हल्द्वानी स्थित मेडिकल पुुलिस चौकी पहुंचीं। यहां उसकी मां की करीबी मीनाक्षी बजेठा परिवार के साथ इंतजार कर रही थीं। कीकी ने मोर्चरी में जाकर अपनी मां के चेहरे को देखा। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया। कीकी शक्ति ने बताया कि वह शॉर्ट फिल्मों की डायरेक्टर और प्रोड्यूसर हैं। उनके दो भाई जय हनुमान और अमर हैं। मां धार्मिक प्रवृत्ति की थीं। उनका हिंदू धर्म से काफी लगाव था। कैंचीधाम के नीब करोरी बाबा ने उनका नाम रामरानी रखा था। मां ने पहले ही कहा था कि मौत के बाद उनके शव का अंतिम संस्कार जागेश्वर धाम में हिंदू रीति रिवाज से होगा। मां की अंतिम इच्छा को पूरी करने के लिए वह इतना दूर से हल्द्वानी आई है। मेडिकल चौकी प्रभारी अनिल आर्या ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे बेटी को सुपुर्द कर दिया।
सहेलियों को देखकर छलके आंसू
हल्द्वानी। कीकी ने बताया कि वह 1992 में नैनीताल जिले में आई थीं। तब वह कैंची धाम सहित अन्य स्थानों पर गई थीं। उसी समय से मीनाक्षी और उनकी बहन नैनीताल निवासी किरन से उनकी दोस्ती हो गई। दोनों बहनें उसकी मां की काफी देखभाल करती थीं। किरन को देखते ही कीकी उससे लिपटकर रोने लगीं।