नैनीताल-हल्द्वानी मार्ग के विकल्प के रूप बनाई गई देवीधूरा-बसानी सड़क वाहनों की आवाजाही लायक नहीं रही। बरसात में भूस्खलन व भूकटाव से सड़क जगह जगह टूटने से क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे चार पहिंया वाहनों की आवाजाही बंद हो गई थी। वर्तमान में जान हथेली में रख कर ग्रामीण क्षतिग्रस्त सड़क में दो पहिंया वाहनों से आवाजाही कर रहे हैं। हालात यह हैं कि टूटटी पहाड़ी से सड़क तथा सड़क से गांव व लोगों को खतरा बना हुआ है।
बता दें कि दो वर्ष पहले जून 2023 को देवीधूरा-बसानी मार्ग बनकर तैयार हुआ था। डामरीकरण के बाद प्रशासन की टीम ने सड़क का निरीक्षण किया। इसके बाद केमू की बस भी सड़क में दौड़ाई गई। सड़क में बस दौड़ती देख ग्रामीणों में खुशी का ठिकाना नहीं रहा। लेकिन यह खुशी एक ही बारसात में बह गई। बरसात के चलते सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई। पीएमजीएस वाई की ओर से सड़क वाहन चलने लायक बनाई। लेकिन 2024 में दूसरी बरसात को सड़क नहीं झेल पाई और कई स्थानों पर सड़क धंस गई। इसके चलते एक महीने तक सड़क में आवाजाही बंद रही, जिससे ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इधर बरसात रुकने के बाद विभाग की ओर से सड़क खोलने के लिए जेसीबी लगाई गई है। लेकिन सड़क किनारे जमा मलबा आवाजाही करने वाले लोगों के लिए खतरा बना हुआ है। सड़क की खस्ता हालत देख ग्रामीणों में भय बना हुआ है। लोग जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कर खतरे को कम करने की मांग कर रहे हैं। पीएमजीएसवाई की सहायक अभियंता नेहा अमरीन मंसूरी ने बताया कि जल्द ही जेसीबी से सड़क किनारे का मलबा हटाकर व धंसाव की जगह मरम्मत कर सड़क सभी वाहनों के आवाजाही के लायक बना दी जाएगी।
बरसात से सड़क खराब है तथा जगह-जगह सड़क टूटी हुई है। पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे है, जिससे आवाजाही करते समय लोगों में डर बना हुआ है। कभी भी कोई हादसा हो सकता है।
पूरी बरसात सड़क में मलबा गिरने से परेशान हैं। दो महीने तक सड़क बंद होने से लोगों को पैदल जाना पड़ा । अब भी पहाड़ी से पत्थर गिरने का डर बना हुआ है, जिससे ग्रामीणों को खतरा है।
-मयंक बिष्ट, स्थानीय निवासी
देवीधूरा बसानी रोड पर पीएमजीएसवाई की कार्यप्रणाली में दोष है। यदि कार्य ठीक से हुआ होता तो इतनी जगह सड़क क्षतिग्रस्त नहीं होती। अधिकारियों के साथ सड़क का मौका मुआयना कर जल्द से जल्द टूटी हुई सड़क की मरम्मत की जाएगी
देवीधूरा बसानी मार्ग जगह जगह टूटने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। रोजाना दूध सब्जी लेकर बाजार जाने वालों व स्कूली बच्चों के लिए पहाड़ी में अटके पत्थर खतरा हैं। प्रशासन को इसे जल्द से जल्द दुरूस्त करना चाहिए। -धर्मेंद्र रावत, ग्राम प्रधान देवीधूरा