हल्द्वानी। प्रदेश के सात जिलों के दुग्ध सहकारी समितियों में नामित सदस्यों के साथ ही सहकारी डेयरी फेडरेशन के नामित प्रतिनिधि को सरकार ने बहाल कर दिया है। दुग्ध संघों के नामित सदस्यों को राष्ट्रपति शासन के दौरान बर्खास्त कर दिया गया था। हालांकि शासन ने बर्खास्त किए गए हरिद्वार, टिहरी और श्रीनगर (पौड़ी) के जिला दुग्ध संघ के नामित सदस्यों को बहाल नहीं कि या है।
शासन के सचिव विजय कुमार ढौंढियाल ने डेयरी विकास विभाग के निदेशक को इस संबंध में आदेश भेजा है। शासनादेश में कहा गया है कि उत्तराखंड सहकारी समिति अधिनियम 2003 की धारा 34 (2) के अनुसार तत्काल प्रभाव से उनकी मूल प्रास्थिति पर पुनर्स्थापित किए जाने की राज्यपाल ने स्वीकृति दी है।
डेयरी निदेशक ललित मोहन रयाल ने बताया कि दुग्ध संघ उत्पादक सहकारी संघ लि. देहरादून के नामित प्रतिनिधि हिमांशु रमौला, चमोली की उर्मिला देवी, पिथौरागढ़ के विनोद कार्की, चंपावत के योगेश खर्कवाल, नैनीताल (लालकुआं) के दया किशन बमेटा, अल्मोड़ा के दिनेश चंद्र डांगी, खटीमा (ऊधमसिंह नगर) के राजेंद्र प्रसाद शर्मा और उत्तराखंड सहकारी डेयरी फेडरेशन लि. हल्द्वानी के भगवान सिंह को पुनर्स्थापित किए जाने के संबंध में दुग्ध संघों के प्रबंधक एवं प्रधान प्रबंधकों को निदेशालय की ओर से आदेश भेज दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि शासन ने हरिद्वार के संदीप कुमार, टिहरी के मोहन सिंह कुमांई और श्रीनगर पौड़ी के जिला दुग्ध संघ के नामित सदस्य सुरेंद्र सिंह गुसांई को बहाल नहीं कि या है। बता दें कि राष्ट्रपति शासन के दौरान हटाए गए नामित सदस्यों में पिथौरागढ़ के विनोद कार्की, श्रीनगर के सुरेंद्र सिंह गुसांई, अल्मोड़ा के दिनेश चंद्र डांगी और खटीमा के राजेंद्र प्रसाद शर्मा जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लि. में अध्यक्ष पद पर आसीन थे।