काश्तकार के गुम मोबाइल से साइबर अपराधियों ने उन्हें एक लाख से अधिक की चपत लगा दी। इस मामले में जीरो एफआईआर दर्ज कर ली है। आवास विकास में किराये पर रहने वाले जगदीश ने कोतवाली में दर्ज प्राथमिकी में कहा है कि 22 फरवरी को वह एमबी काॅलेज के पास से सिंधी चौराहे की ओर जा रहे थे। तभी रास्ते में उसका फोन गुम हो गया। उसने काफी तलाश की लेकिन पता नहीं चला।
दोपहर चार बजे से रात आठ बजे तक उसके खाते से पहले चार हजार और फिर दूसरे खाते से 96 हजार से अधिक की धनराशि उड़ा ली गई। मामले की शिकायत साइबर सेल थाने में की गई थी। जगदीश पापुलर की पौध तैयार कर नर्सरी को उपलब्ध कराने का काम करते हैं।
काश्तकार का मोबाइल फोन बरामद नहीं हुआ है। प्राथमिकी दर्ज करने के बाद मामले की जांच की जा रही है। - अमित कुमार सैनी, सीओ सिटी
अब स्मार्टफोन खोने पर भी डेटा रहेगा सुरक्षित, लोकेशन कर सकते हैं ट्रैक
ये भी करना होगा
एप को लॉक पिन से सुरक्षित रखें- फाइंड माय डिवाइस ऐप को डाउनलोड करने के बाद इसके लॉक पिन को सुरक्षित रखें।
नोटिफिकेशन को छुपाएं- यदि आपका फोन लॉक है तो नोटिफिकेशन को इस तरह से सेट करें कि कोई भी व्यक्ति उन्हें देखकर ओटीपी या अन्य संवेदनशील जानकारी प्राप्त न कर सके।
फोन को बिना पिन के बंद होने से रोकें- अपनी फोन सेटिंग्स में जाकर यह सुनिश्चित करें कि फोन को बंद करने के लिए भी पिन की आवश्यकता हो। इससे चोरी होने की स्थिति में फोन को आसानी से बंद नहीं किया जा सकेगा।
सिम लॉक करें- सिक्योरिटी एंड प्राइविसी सेटिंग्स में जाकर सिम लॉक को एक्टिवेट करें और एक मजबूत पिन सेट करें। यह सिम स्वैप स्कैम के खतरे को खत्म करता है। जहां चोर सिम को बदलकर आपके नंबर का दुरुपयोग कर सकते हैं।