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सांस्कृतिक जुलूस में शामिल झांकियों ने मोहा मन

Wed, 01 Feb 2017 01:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, रामनगर।
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सांस्कृतिक जुलूस - फोटो : अमर उजाला
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रामनगर। प्रगतिशील सांस्कृतिक पर्वतीय समिति पैठपड़ाव की ओर से राज्य स्तरीय 23वें वसंत महोत्सव के दूसरे दिन मंगलवार को प्रदेशभर से आई सांस्कृतिक टीमों ने सांस्कृतिक जुलूस निकाला। जुलूस के माध्यम से वसंत के रंग बिखेरते हुए संस्कृति को संजोए रखने का  संदेश दिया। जुलूस में छोलिया नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा। 
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परिसर प्रागंण से शुरू हुए सांस्कृतिक जुलूस का शुभांरभ अरविंद सिंघल ने दीप जलाकर किया। समिति पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। जुलूस में अल्मोड़ा नवयुवक सांस्कृतिक समिति द्वारा खड़ी होली, कर्णभूमि कलामंच कर्णप्रयाग द्वारा कृषि, अंग्वाल देहरादून द्वारा गैंडी नृत्य, जय गंगा सांस्कृतिक समिति नैनीताल द्वारा झोड़ा, हिमपुर सांस्कृतिक मंच उत्तरकाशी द्वारा पांडव नृत्य, रामनगर सांस्कृतिक कला समिति द्वारा नव  दुर्गा नृत्य, जय गोपीताल कला सांस्कृतिक समिति चमोली द्वारा लास्या नृत्य, नंदा देवी राजजात द्वारा पिंडर घाटी पर आधारित झांकियों का सुंदर मंचन कलाकारों द्वारा किया गया।

जुलूस का कई स्थानों पर भव्य स्वागत भी किया गया। प्रतियोगिता के निर्णायक मणी भारती और घनश्याम भट्ट रहे। इस दौरान समिति अध्यक्ष दिनेश चंद्र हर्बोला, सचिव दीप चंद्र जोशी, मनोज सती, मनोज तिवारी, बाला दत्त मठवाल, कैलाश चंद्र जोशी, भावना भट्ट, रेवती सुंदरियाल, सोनी जोशी आदि थे। बुधवार से महोत्सव में रंगकर्मियों द्वारा कुमाऊंनी, गढ़वाली, जौनसारी, नीती माणा शैली पर आधारित नृत्य और नाटकों का मंचन किया जाएगा।
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रामनगर। वसंत महोत्सव में इस बार निर्णायक के रूप में पहुंचे मणी भारती और घनश्याम भट्ट दूरदर्शन के कई सीरियलों में अहम किरदार निभा चुके हैं। दोनों ही निर्णायकों का रंगमंच से काफी लंबा जुड़ाव रहने के कारण वह रंगमंच और कला की बारीकियों को भलीभांति समझते हैं और उनके निर्णयों को भी कलाकार सहज स्वीकार करते हैं।

देहरादून निवासी मणी भारती इस महोत्सव में चार वर्षों से निर्णायक की भूमिका निभा रहे हैं। वह आकाशवाणी, दूरदर्शन के लोक कलाकार होने के साथ ही उत्तराखंड संस्कृति निदेशालय से अनुमोदित ए ग्रेड के लोक कलाकार हैं। उन्हें नेशनल अवार्ड भी मिल है और करीब 45 वर्षों से लोक नाट्य और लोक संगीत में सेवा दे रहे हैं।

इसके अलावा वह संस्कृति के क्षेत्र में कई बार  सम्मान प्राप्त कर चुके हैं। महोत्सव के दूसरे निर्णायक घनश्याम भट्ट भी कला और संस्कृति के क्षेत्र में कई मुकाम हासिल कर चुके हैं। उन्होंने दूरदर्शन के कई सीरियलों में भी अपनी अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने मुख्य रूप से कगार की आग में अहम किरदार निभाया है और भोजपुरी फिल्मों में भी अहम किरदार निभा चुके हैं। ब्यूरो
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