धनतेरस के लिए बाजार सज चुके हैं। ग्राहकों को लुभाने के लिए मार्केट में ऑफर की भरमार है। कहीं आकर्षक उपहार दिए जा रहे हैं तो कहीं खरीद पर विशेष छूट मिल रही है। जीएसटी की दरें घटने से बाजार में धनतेरस के एक दिन पहले ही त्योहार जैसा माहौल दिखा। कारोबारी रात एक बजे तक अपने प्रतिष्ठानों की सजावट करने में जुटे रहे। बर्तन बाजार, इलेक्ट्रानिक बाजार और वाहन बाजार में ग्राहकों की भीड़ उमड़ी।
सोने-चांदी में निवेश कर रहे लोग
सर्राफा बाजार में फिलहाल ऑफर नहीं हैं लेकिन डिमांड काफी ज्यादा है। सोना महंगा होने और भविष्य में इसके भाव बढ़ने की आशंका के चलते लोग सोने-चांदी की ईंटों पर निवेश कर रहे हैं। ग्रीन सिटी सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष घनश्याम रस्तोगी ने बताया कि लोग सोने पर काफी निवेश कर रहे हैं। 10 दिन से दिल्ली और मुंबई से शुद्ध सोना चांदी न आने के कारण बाजार में सिर्फ रेडीमेड आभूषणों की खरीद हो रही है। स्वर्णकार हेमंत वर्मा ने बताया कि अभी सोने और चांदी पर जीएसटी तीन-तीन प्रतिशत है। इस बीच अच्छी बिकवाली हुई है और धनतेरस को ज्यादा उम्मीद है। प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश अध्यक्ष नवीन वर्मा के अनुसार जेवर तो आ रहे हैं लेकिन सॉलिड चांदी यानि ब्रिक बाजार में नहीं है। चांदी के भाव बढ़ चुके हैं और चांदी का एक सिक्का 10 ग्राम जो एक हजार रुपये का था वह अभी दो हजार रुपये पहुंच चुका है।
फूलों पर गणपति विराजे, लक्ष्मी करे धन वर्षा
हल्द्वानी। लोग दीपावली पर पूजा के लिए लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति खरीद रहे हैं। इस बार मूर्तियों की डिजाइन में कई नवाचार किए गए हैं। किसी मूर्ति में लक्ष्मी गणेश फूलों पर विराजमान हैं तो किसी में लक्ष्मी जी के हाथों से गिरते धन को सुनहरी चमक दी गई है। गणेशजी की मूर्तियों में भी रंगों का नया प्रयोग दिखाई दे रहा है। दुकानदार जलज ने बताया कि मूर्तियों की कीमत 60 रुपये से 250 रुपये तक है। ऐसे में मूर्तियां आसानी से बिक रही हैं।
खरीदारी का मुहूर्त दिन भर
हल्द्वानी। दीपावली का पहला पर्व धनतेरस और धनवंतरि जयंती शनिवार को है। पंचांग के अनुसार धनतेरस के दिन ब्रह्म योग पूरे दिन होने से खरीदारी दिनभर की जा सकती है। गुरु बृहस्पति का उच्च राशि में गोचर करने से व्यापारियों को लाभ रहेगा। पूजा मुहूर्त शाम 5.36 बजे से 8.10 बजे के बीच जबकि खरीदारी का शुभ मुहूर्त सुबह 7.45 से शुरू है। ज्योतिष अशोक वाष्र्णेय के अनुसार धनतेरस के दिन शनि प्रदोष होने के कारण सरसों का तेल, काला कपड़ा और लोहे का सामान खरीदने से बचना चाहिए। शनि प्रदोष व्रत का संयोग होने पर जातकों को शनिदेव की भी कृपा मिलेगी।