एनएसयूआई प्रदेश संगठन चुनाव के बाद जिलाध्यक्ष की कुर्सी हथियाने के लिए दो पक्ष आपस में भिड़ने के लिए तैयार हैं। फायरिंग की घटना के दूसरे दिन लाल सिंह पवार और उनके समर्थक खलील वारसी ने प्रतिद्वंद्वी सचिन जलाल के समर्थकों के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है। पुलिस दोनों तहरीरों की जांच कर रही है। इधर, पुलिस चुनाव के दौरान फायरिंग करने वाले को दूसरे दिन भी नहीं पकड़ सकी है।
मटर गली स्थित स्वराज भवन में सोमवार रात एनएसयूआई प्रदेश और जिला संगठन की मतगणना के दौरान बवाल हो गया। इस बीच हवाई फायरिंग भी हुई। हार-जीत को लेकर जिलाध्यक्ष प्रत्याशी लाल सिंह पवार और सचिन जलाल के समर्थक आपस में भिड़ गए। पवार समर्थकों का आरोप था कि उन्हें साजिशन हराया जा रहा है। भीड़ ने एक-दूसरे गुटों पर पथराव भी किया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। पुलिस ने स्थिति को काबू में करने के लिए लाठीचार्ज किया। धक्का-मुक्की में एक थानाध्यक्ष की घड़ी गायब हो गई।
वहीं, प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की तो मंगलवार को घोषणा हो गई, लेकिन जिलाध्यक्ष की घोषणा स्थगित कर दी गई। छात्रनेता लाल सिंह पवार और उनके करीबी मोहम्मद खलील वारसी ने अलग-अलग तहरीर दी है। दोनों ने सचिन जलाल के समर्थकों द्वारा हमले का आरोप लगाया है। खलील का आरोप है कि उसके साथ तीन अन्य लोग हमले में घायल हो गए। कोतवाल आरएस मेहता का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। अभी फायरिंग करने वाले का पता नहीं चला है।