पत्रकार की पत्नी किरण की मौत के मामले में कोतवाली पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है, लेकिन पुलिस ने सुशीला तिवारी अस्पताल के डाक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने से हाथ खड़े कर दिए। पुलिस इस मामले में ट्रक नंबर के आधार पर चालक की तलाश कर रही है।
तीनपानी निवासी पत्रकार ताराचंद्र जोशी अपनी पत्नी किरण जोशी के साथ स्कूटी से 14 अप्रैल को रानीबाग से लौट रहे थे। गांधीनगर तिराहे के पास पीछे से आ रहे ट्रक की टक्कर लगने से किरण स्कूटी से छिटककर गिर पड़ी। तारा चंद्र जोशी ने घायल पत्नी को सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां डाक्टरों की लापरवाही के चलते किरण की मौत हो गई। जोशी ने आरोप लगाया कि बार-बार अनुरोध के बावजूद उनकी पत्नी को देखने के लिए कोई वरिष्ठ सर्जन नहीं आया।
ड्यूटी अफसर ने भी अनुरोध करने पर ध्यान नहीं दिया था। तहरीर में डाक्टरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का अनुरोध किया गया, लेकिन पुलिस ने सिर्फ ट्रक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिसकर्मियों का कहना था कि वे डाक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं करेंगे।
आंदोलन का भय सता रहा था पुलिसकर्मियों को!
नियमानुसार वादी की तहरीर के मुताबिक ही पुलिस किसी पर मुकदमा दर्ज करती है, लेकिन इस मुकदमे को दर्ज करने में पुलिसकर्मियों को आंदोलन होने का भय है। चर्चा है कि पिछले दिनों विजिलेंस द्वारा सीएमएस की गिरफ्तारी के बाद डाक्टरों ने आंदोलन कर दिया था। शायद इसी कारण पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने से घबरा रही थी। उन्होंने चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अपनी ड्यूटी पूरी कर ली।