रविवार दोपहर दो बजे से समूह ग राजकीय पर्यवेक्षक ग्रुप कोड 66 की परीक्षा होनी थी। परीक्षा शुरू होने से पहले दोपहर साढ़े 12 बजे रामनगर के एक टीवी रिपोर्टर के पास किसी ने हाथ से लिखे प्रश्नों के उत्तर खबर चलाने के लिए व्हाट्स एप किए।
पत्रकार ने इसकी सत्यता जांचने के लिए इसे जिलाधिकारी दीपक रावत को करीब एक बजे भेजे। डीएम ने इसकी जांच की तो आधे प्रश्न मिलान करने पर सही पाए गए।
दानिश खान के मुताबिक सूत्रों ने बताया कि यह पेपर तीन करोड़ रुपये में बिका है। इसे दलालों ने प्रत्येक परीक्षार्थी को पांच से छह लाख रुपये में बेचा।
डीएम दीपक रावत ने बताया कि इसकी सूचना रामनगर के पत्रकार दानिश खान ने मय उत्तरों के भेजी थी। इसकी जांच कराई गई तो यह सही पाई गई।
पेपर लीक की सूचना रामनगर से आई, लेकिन कहां से लीक हुआ यह जांच का विषय है। इसकी रिपोर्ट संबंधित विभाग को भेज दी गई है।