हल्द्वानी मोर्चरी में गुमसुम बैठी मजदूर दुर्गा प्रसाद की मां शिव देवी
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करायल चतुर सिंह स्थित किराए के कमरे में एक मजदूर ने फांसी लगाकर जान दे दी। बुधवार की सुबह घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने दरवाजे की कुंडी तोड़कर शव को उतारा। पुलिस का दावा है कि मजदूर ब्लड कैंसर से पीड़ित था और नशे का सेवन करता था। समझा जा रहा है कि इसी कारण उसने जान दी है।
बरेली जिले के नौलिया भोलापुर निवासी दुर्गा प्रसाद (35) ने नौ मार्च को करायल चतुर सिंह में किराए का कमरा लेकर रहने वाले तहेरे भाई (ताऊ के बेटे) देश राज और सुखपाल से संपर्क किया। बताया कि वह मजदूरी करने के लिए यहां आया है। तहेरे भाइयों ने अपने पास ही हीरा सिंह बिष्ट के मकान में उसे किराए पर कमरा दिलाया। बुधवार की सुबह देशराज ने दुर्गा प्रसाद को चाय पीने के लिए आवाज लगाई लेकिन अंदर से कोई उत्तर नहीं मिला।
शक होने पर उसने झांककर देखा तो दुर्गा की गर्दन राड के सहारे फंदे से लटकी थी। टीपीनगर चौकी प्रभारी सुशील कुमार मौके पर पहुंचे। परिजनों ने पुलिस को बताया कि दुर्गा प्रसाद को ब्लड कैंसर था और नशा भी करता था। घटना के पहले उन्होंने किसी से तनाव का जिक्र नहीं किया था।
मौत की सूचना मिलने पर मां और भाई पहुंचे
हल्द्वानी। दुर्गा की मौत की जानकारी मिलने पर भाई अनिल पाल, मां शिवदेवी सहित परिवार के अन्य सदस्य मोर्चरी पहुंचे। पत्नी हीराकली का रोते रोते बुरा हाल हो गया है। छोटे भाई ने बताया कि दुर्गा की चार बेटियां हैं। पिता का साया 14 साल पहले सिर से उठ गया था। आर्थिक रुप से कमजोर मजदूर की पत्नी हीराकली पर चार बेटियों की जिम्मेदारी आ गई है।