दो वर्ष पूर्व अमानगढ़ रेंज से सटे कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के जंगल में दो बाघों को मारने वाले
वन्य जीव तस्कर गिरोह के एक सदस्य को कोर्ट ने तीन वर्ष की सजा सुनाते हुए
10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
18 दिसंबर 2013 को ढेला रेंज के पश्चिमी बीट के फीका स्रोत के बाद वनकर्मियों ने संदिग्ध अवस्था में घूम रहे व्यक्ति की तलाशी ली तो उसके पास थैले में लोहे की पाटल, खाने का सामान और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ।
पूछताछ में पकड़े गए तस्कर ने अपना नाम तासीन पुत्र यासीन ग्राम घोसीपुरा जिला हरिद्वार बताते हुए 15 दिसंबर 2013 को अमानगढ़ रेंज में दो बाघों को मारने वाले गिरोह से संबंधों की बात कबूली।
मामले की विवेचना के बाद सीटीआर द्वारा अभियुक्त के खिलाफ वन्य संरक्षण अधिनियम के तहत रामनगर न्यायालय में वाद दायर किया गया।
एक वर्ष छह माह 23 दिन चले इस मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपर मुख्य न्यायाधीश ओमकुमार ने अभियुक्त को तीन वर्ष की सजा सुनाते हुए 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।