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महिला का गला घोंटकर शव जंगल में फेंक गए

Thu, 11 May 2017 09:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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Murder
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शिवलालपुर रियूनियां गांव की महिला का गला घोंटकर हत्यारों ने शव बैलपड़ाव रेंज की गैबुआ बीट के जंगल में फेंक दिया। हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग की बात सामने आ रही है। पुलिस की कार्यशैली से गुस्साए लोगों ने कोतवाली में सवा दो घंटे शव रखकर प्रदर्शन किया। देर शाम पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया तो ग्रामीण शांत हुए।
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बुधवार को बैलपड़ाव रेंज में जंगल के काफी अंदर वन गुर्जरों ने महिला के शव पड़े होने की जानकारी वन विभाग को दी। वन विभाग ने सूचना पर बैलपड़ाव चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। महिला का गला घोंटा गया था। हाथ में छत्रपाल और तारावती गुदा होने पर इसकी सूचना वायरलेस से आसपास के थानों में दी गई।

बाद में रामनगर पुलिस महिला के बड़े बेटे अरविंद और परिवार लोगों के साथ पहुंची तो उसकी पहचान तारावती निवासी शिवलालपुर रियूनियां के रूप में हुई। पोस्टमार्टम के बाद शाम सवा छह बजे परिवार के लोग शव लेकर कोतवाली पहुंच गए और गेट पर प्रदर्शन करने लगे।
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उनका आरोप था कि पुलिस एक दिन पहले महिला की बात सुन लेती तो शायद उसकी जान बच सकती थी। ग्रामीणों के अनुसार तारावती की बेटी पिंकी को पड़ोसियों ने किसी बात पर पीट दिया था। वह अभी अस्पताल में भर्ती है।

बताया जा रहा है कि मारपीट की तहरीर लेकर वह मंगलवार दोपहर बारह बजे कोतवाली पहुंची लेकिन पुलिस ने उसे यह कहकर थाने में ही बैठा दिया कि वह एक पुराने केस में वांछित चल रही है। तारावती ने अस्पताल में भर्ती बेटी की दुहाई देकर कहा कि आप उसके हमलावर को पकड़ो।

वह अपने केस में जमानत करा लेगी। बताया जा रहा है कि पुलिस ने 11 घंटे थाने में बैठाकर रात में छोड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि रात अकेले घर पहुंचने पर जब पूछा गया तो उसने इस बारे में उसे बताया था। ग्रामीणों ने कहा कि यदि पुलिस उसकी सुन लेती तो शायद जान बच सकती थी।

 इस बीच पुलिस ने ग्राम पूछड़ी निवासी गोविंद राणा को पकड़ा तो उसने कई जानकारियां दी। उसका कहना था कि वह रात में तारावती के घर पर था। इस बीच किसी ने दरवाजा खटखटाया तो वह चारपाई के नीचे घुस गया। तब तक एक व्यक्ति ने तारावती को थप्पड़ मारा और अन्य से मिलने-जुलने पर टोकाटाकी की।

इसके बाद वह उसे अपने साथ बाइक पर बैठाकर ले गया। गोविंद से पूछताछ के बाद पुलिस बाजपुर निवासी प्रेमी चाचा नाम के युवक को गिरफ्तार कर लाई। उसने भी अपना जुर्म भी कबूल लिया है। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए।

बच्चो के सिर से उठा मां का भी साया

तारावती की हत्या के बाद अब परिवार मे सिर्फ चार बच्चे ही बचे हैं। आठ महीने पहले तारावती के पति छत्रपाल की बीमारी के चलते मौत हो गयी थी। वह घर में छोटी परचून की दुकान खोलकर बच्चों को पाल रही थी। उसका बड़ा बेटा अरविंद उर्फ पप्पी 12वीं में पढ़ता है। बेटी पिंकी (16), छोटा बेटा सागर (13) और योगेश (10) है। एक बेटी की शादी हो गई है।
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