एनआरआई रमेश चंद्र कर्नाटक की बिठौरिया नंबर एक में स्थित विवादित जमीन के मामले में एसएसपी के निर्देश पर कोतवाली के एसएसआई ने जांच की, जिसमें पाया कि केयरटेकर ने अवैध ढंग से जमीन को अपनी पुत्रवधू के नाम रजिस्ट्री कर दी है। इस मामले में एसएसआई ने केयरटेकर, उसके पुत्र और पुत्रवधू के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की संस्तुति की है। जांच से पहले केयरटेकर की मौत हो चुकी है।
नई दिल्ली के बसंतकुंज निवासी प्रमोद कुमार पंत ने एसएसपी सेंथिल अबुदई को बिठौरिया नंबर की जमीन के मामले में 13 अक्तूबर 2014 को प्रार्थना पत्र भेजा था। बताया कि उसके मामा रमेश चंद्र कर्नाटक बिठौरिया से पेरिस (फ्रांस) में बस गए हैं। उन्होंने अपनी भूमिधरी 32 बीघा 17 बिस्वां जमीन को बिठौरिया के रहने वाले गौरीदत्त जोशी को केयरटेकर के तौर पर दी थी। गौरीदत्त की मंशा खराब देखते हुए रमेश चंद्र कर्नाटक ने भांजे प्रमोद कुमार पंत को 1988 में जमीन का पावर आफ अटार्नी बना दिया।
आरोप है कि इस जमीन को अवैध तरीके से गौरीदत्त जोशी ने 1991 में अपनी पुत्रवधू भगवती जोशी पत्नी कमल कुमार जोशी के नाम रजिस्ट्री बैनामा कर दिया। एसएसआई एनबी भट्ट ने शिकायतकर्ता के आरोप को सही पाया। उन्होंने जांच के बाद अपनी रिपोर्ट में प्रथमदृष्ट्या गौरीदत्त जोशी, उनके पुत्र कमल जोशी और पुत्रवधू के विरुद्ध धोखाधड़ी के तहत कार्य करने का जुर्म पाया है। एसएसआई ने इस मामले में एसएसपी से कार्रवाई करने को अनुरोध भेजा है। इस मामले में कुछ साल पहले भी एक दरोगा पर जांच के दौरान गंभीर आरोप लग चुके हैं।