अपर सत्र न्यायाधीश (प्रथम) नितिन शर्मा की अदालत ने रामनगर निवासी युवक की हत्या मामले में दोषी को उम्रकैद और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। एडीजीसी नवीन चंद्र जोशी के अनुसार रामनगर के नरानपुर मुलिया निवासी करन सिंह के पुत्र नरेंद्र की 12 जून 2014 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
पुलिस ने मौके से दो खोखे और एक कारतूस बरामद किया था। मामले में नरेंद्र के पिता ने पड़ोसी सुनील कुमार उर्फ रिंकू के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था जिस पर पुलिस ने उसे पिस्टल के साथ गिरफ्तार कर लिया। पिस्टल में भी दो कारतूस थे। मुकदमे के विवेचक वीके मिश्रा ने देहरादून लैब से बैलेस्टिक जांच कराई।
जांच में पाया कि मौके से बरामद खोखा और पिस्टल में लगी गोलियां एक ही पिस्टल की थी। मामले में अभियोजन पक्ष ने 12 गवाह पेश किए। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी को हत्या का दोषी पाया। जिरह के दौरान पता चला कि नरेंद्र का आरोपी सुनील की पत्नी के साथ मिलना जुलना था।
इसी शक में सुनील ने नरेंद्र को गोली मारी थी। अदालत ने धारा 302 के तहत दोषी को उम्र कैद के साथ ही दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं 25 आर्म्स एक्ट मामले में भी तीन साल की सजा सुनाई। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।