बवाल के दूसरे दिन बाजार खुल गए और माहौल सामान्य रहा । हालांकि एहतियात बाजारों में पुलिस फोर्स तैनात रही। कोतवाल का कहना है कि पुलिस बवाल करने वालों को चिन्हित करने के लिए सरकारी और प्राइवेट वीडियो फुटेज मंगाकर उनको देखा जाएगा। इसके बाद बवाल करने वाले चिन्हित होंगे।
दुकान खरीदने के विवाद को लेकर बुधवार रात दो पक्षों में मारपीट हो गयी है। बृहस्पतिवार को पूरे दिन बवाल रहा और बाजार भी बंद करा दिया गया। शुक्रवार को दुकानों के खुलने से बाजार की रौनक लौट आई। शांति व्यवस्था कायम करने के लिए एहतियात के तौर पर बाजार में पीएसी और पुलिस फोर्स तैनात रही। पुलिस का कहना है कि सामान्य स्थिति होने पर फोर्स हटा ली जाएगी।
इधर कोतवाल आर एस मेहता का कहना है कि मीरा मार्ग और बाजार क्षेत्र में बवाल करने वालों के खिलाफ अभी कार्रवाई करने के लिए कोई शिकायत नहीं मिली है। फिर भी पुलिस सरकारी और प्राइवेट वीडियो की फुटेज से अशांति फैलाने वालों को चिन्हित करेगी। मारपीट के संबंध में दर्ज जुबेर और सौरभ के मुकदमे की विवेचना मंगलपड़ाव चौकी प्रभारी चेतन रावत को सौंपी गई है।
दोनों पक्षों को बयान के लिए नोटिस तामील करा दिया गया है। अशोक अग्रवाल की तहरीर पर अलग से मुकदमा दर्ज नहीं होगा। इस तहरीर को सौरभ के मुकदमे में शामिल किया जाएगा। समझौते से मुकदमे का कोई लेना देना नहीं रहेगा।