अलग-अलग जगहों पर पानी एक बच्ची और युवक के लिए काल बन गया। स्टोन क्रशर की डिग्गी में नहाते समय डूबने से हेल्पर की मौत हो गई। वहीं खेलते समय सिंचाई विभाग की नहर में गिरने से चार साल की बच्ची की जान चली गई। बच्ची का शव घटनास्थल से 400 मीटर दूर बरामद हुआ। पुलिस ने युवक का शव पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखव दिया है।
जानकारी के मुताबिक छोटा कैलाश नौला गांव निवासी हेम पलड़िया (19) पुत्र सुरेश चंद्र पलड़िया दौलिया नबंर दो निवासी अपनी बहन प्रेमा चोपड़ा और जीजा हरीश चोपड़ा के यहां पर रहता था। दो दिन पूर्व ही वह हल्दूचौड़ स्थित आकृति स्टोन क्रेशर में वेल्डर के हेल्पर के रूप में नौकरी पर लगा था। इससे पहले हेम मोटाहल्दू स्थित एक स्टोन क्रशर में काम कर रहा था। सोमवार को काम करने के बाद से ही हेम घर नहीं पहुंचा।
बहन और जीजा ने रात में उसकी तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। सुबह से दिनभर तलाश के बाद शाम करीब सात बजे हेम का शव क्रशर की पानी की डिग्गी में उतराता मिला। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। भाई का शव देखकर बहन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। हेम की बहन ने उसकी मौत पर संदेह जताते हुए मामले की जांच की मांग की। वहीं जांच के बाद पुलिस के मुताबिक प्रथम दृष्टया नहाने के दौरान डिग्गी में डूबने से हेम की मौत होने का अनुमान लगाया जा रहा है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव को मोर्चरी में रखवा दिया है।
इधर, हल्दूचौड़ के ही धनपुर गांव में भी पानी एक परिवार की खुशियां छीन ले गया। मंगलवार शाम करीब छह बजे चार वर्षीय लकी पुत्री स्व. वीरेंद्र सिंह बिष्ट घर के आंगन में खेल रही थी, जबकि उसकी मां पास में ही खेत में काम कर रही थी। खेलते-खेलते जाने कब लकी पास में ही बह रही नलकूप विभाग की सिंचाई नहर में गिर गई।
मां को जब बेटी नहीं दिखी तो उसने मौके पर पहुंचकर शोर मचाया। आसपास के ग्रामीणों ने बच्ची की तलाश शुरू की। घटनास्थल से करीब 400 मीटर दूर ताश के पास बच्ची का शव बरामद हुआ। बच्ची की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। देर शाम गांव में पंचायत के बाद बच्ची के शव को दफना दिया गया।