जिला उपभोक्ता फोरम नैनीताल ने दुर्घटना के मृतक के मामले में एलआईसी की ओर से बीमा राशि के भुगतान में हीलाहवाली को दरकिनार करते हुए सात लाख रुपये के बीमे की राशि मृतक की मां गंगा देवी को दिए जाने का आदेश पारित किया है।
मामले के अनुसार हल्द्वानी जिला नैनीताल निवासी गंगा देवी ने जिला उपभोक्ता के समक्ष वाद दायर कर कहा था कि उसके पुत्र कौस्तुभानंद पंत ने अपने जीवन काल में 2012 में एलआईसी से सात लाख रुपये की पॉलिसी कराई थी। जिसमें वह नामित थी।
उसका पुत्र जो सहायक अध्यापक था 1 जुलाई 2013 को स्कूल जाते समय खाई में गिर गया जिससे उसकी मृत्यु हो गई। बीमा राशि का क्लेम करने पर एलआईसी ने यह कह कर खारिज कर दिया कि कौस्तुभानंद ने पूर्व में भी एक पॉलिसी ली थी किन्तु नई पॉलिसी में पूर्व की पॉलिसी का उल्लेख नहीं था।
यदि यह उल्लेख किया गया होता तो पॉलिसी देते समय उसका पुन: मेडिकल कराया गया होता। उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष आरडी पांडे, सदस्य मंजू कोटलिया व राजेंद्र परगई ने इस प्रकरण पर निर्णय देते हुए कहा कि कस्तुभानंद द्वारा ली गई पॉलिसी मेडिक्लेम नहीं थी।
जिसके लिए उसका मेडिकल कराया जाता साथ ही उसकी मृत्यु किसी बीमारी से नहीं दुर्घटना से हुई है जो कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी स्पष्ट है। फोरम ने निर्णय दिया कि एक माह के भीतर परिवादिनी को बीमा राशि सात लाख का भुगतान तीन हजार रुपये परिवाद व्यय सहित किया जाए।
फोरम ने एक माह में भुगतान न होने पर वाद दायर करने की तिथि से भुगतान की तिथि तक छह प्रतिशत ब्याज भी दिए जाने के निर्देश दिए।