फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ठगी के कई मास्टर माइंड

Thu, 11 Jun 2015 01:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
विज्ञापन
विज्ञापन
करोड़ों रुपये कथित तौर पर ठगकर फरार हुई कंपनी के ‘खिलाड़ी’ हैं, जिन्होंने ऐसी ‘फील्डिंग’ लगाई कि लोग अपनी जमा पूंजी लुटा बैठे। अब पूछने पर मायूसी के साथ कहते हैं, भरोसे पर पैसा दिया था, क्या पता था ऐसा होगा। वहीं, लोगों का पैसा जमा करने में जो ‘हमसफर’ थे, वह अब मामला खुलकर सामने आने पर एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं।
विज्ञापन


लोगों का आसान शिकार करने के लिए ऐसी जगहों को चुना गया है, जहां तुलनात्मक तौर पर लोग कम पढ़े लिखे और मेहनतकश हैं। जिससे वह ज्यादा सवाल, जवाब न कर सकें। मसलन लाइन-17 के मदरसा इशातुल्ला इस्लाम के पास रहने वाले अनवार खां मिलते हैं, जो पेड़ काटने और लकड़ी बेचने का काम करते हैं। कहते हैं, करीब एक साल पहले पास के रहने वाले एक प्रतिष्ठत व्यक्ति आए, बोले इसमें पैसा जमा कर दो कुछ दिन में दो गुना हो जाएगा। पड़ोस का मामला था, ऐसे में ज्यादा सोचे बिना 10,500 रुपये जमा करा दिए। उनके बेटे बल्लू ने भी 10,500 रुपये जमा किए। शुरुआत में एक बैग, कुछ सामान और 500 रुपये का चेक मिला। कहा गया कि इसी तरह चेक मिलते रहेंगे, पर ऐसा कुछ नहीं हुआ। कोई कागज, कोई रसीद आदि है, तो वह कहते हैं कुछ भी नहीं है। केवल भरोसे और जुबान पर रकम दी थी, जो डूब गई। कुछ लोगों को डाक्यूमेंट भी दिए गए।

 ऐसे कई लोग हैं जिनके पैसे फंस गए हैं। वहीं, पहले जो मिलकर लोगों से पैसा जमा करने और हिसाब-किताब मिलकर करते थे, अब एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। अपने को सही और दूसरे को दागदार बता रहे हैं। ‘आफर’ भी पेश करने में वह पीछे नहीं है।
विज्ञापन


बिहार से आए, सेठ बन गए
इस कथित तौर पर ठगी को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। बताया जाता है कि इस घोटाले में एक रसूखदार व्यक्ति का नाम सामने आया है। उसके बारे में लोगों को बहुत ज्यादा पता नहीं है। बताते हैं वह बिहार से करीब 15 साल पहले आया था। बाद में काफी तरक्की की। बढ़िया लग्जरी वाहन से लेकर दूसरी संपत्ति भी जोड़ी।

प्रशासन, पुलिस हरकत में आया
ठगे गए लोग निचले तबके के हैं, जो कि डर और झिझक दोनों के चलते अभी तक लिखित में कोई शिकायत पुलिस में दर्ज कराने की हिम्मत नहीं जुटा पाए थे। मामले में मंगलवार को कुछ लोग सिटी मजिस्ट्रेट से मिले थे और शिकायत करने के साथ ज्ञापन सौंपा था। मामले में प्रशासन हरकत में आया। मामले का पत्र सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय से बनभूलपुरा थाने में भेजा गया है। पुलिस भी जांच में जुट गई हैं। इस कथित ठगी के मामले में कोई लिखित शिकायत पुलिस तक नहीं पहुंची है। केवल पीड़ित पक्ष और एजेंट आदि लोगों ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा था। जबकि सामान्य तौर पर जहां पर फर्जीवाड़े की आशंका होती हैं, वहां पर पुलिस में मामला दर्ज कराया जाता है। बहरहाल, सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय से होते हुए ज्ञापन बनभूलपुरा थाने में पहुंच गया है।

पहले भी ऐसे मामले आए थे
मुस्लिम आबादी  में केवल यही मामला नहीं है। पहले भी ऐसे प्रकरण हो चुके हैं। बताया जाता है कि मुस्लिम फंड के नाम पर भी करीब छह-सात साल पहले छोटी-छोटी रकम लोगों से ली गई। बाद में जो फंस गई। अब यह मामला सामने आया है, तो पुरानी चर्चाएं भी सामने आ गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें