ओखलकांडा ब्लाक में स्थित पुटपुड़ी गांव से समीप मंगलवार तड़के टाटा सूमो के खाई में गिरने से उसमें सवार बुजुर्ग मां-बेटी समेत तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि तीन लोग घायल हैं। गंभीर रूप से घायल दो लोगों को प्राथमिक इलाज के बाद हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर कर दिया। दुर्घटना स्थल नैनीताल से लगभग 110 किलोमीटर दूर है।
जानकारी के मुताबिक मंगलवार सुबह छह बजे के करीब कोटली गांव निवासी चालक नंदन सिंह (33) सवारी लेने के लिए पुटपुड़ी गए थे। पुटपुड़ी से वह पांच सवारियों को लेकर हल्द्वानी रवाना हुए। बताया जाता है कि सुबह साढ़े छह बजे के करीब पुटपुड़ी से महज चार सौ मीटर आगे पहुंचते ही टाटा सूमो (यूके 04 टीए-3849) मोड़ में असंतुलित होकर चट्टान से टकराने के बाद करीब नौ सौ मीटर गहरी खाई में जा गिरी।
हादसे में खष्टी देवी (80) पत्नी रेवाधर पंतोला निवासी तोक च्वानी ग्रामसभा कोटली और बेटी दुर्गा देवी (50) निवासी ग्रामसभा कोडार, भूपाल सिंह (22) पुत्र गंगा सिंह कोटलिया निवासी कोटली की मौके पर ही मौत हो गई। सूमो में सवार ललित मोहन (21) पुत्र खष्टी दत्त और ऊर्वा दत्त (19) पुत्र केशव दत्त दोनों निवासी पुटपुड़ी गंभीर रूप से घायल हो गए। जबकि नंदन सिंह (33) पुत्र गंगा सिंह कोटलिया को मामूली चोट आई।
नंदन सिंह ने ही हादसे की सूचना ग्रामीणों को दी, लेकिन सूमो खाई में इतने नीचे गिरी थी कि उसका पता ही नहीं चल सका। ग्रामीण लगभग घंटे भर से अधिक समय तक दुर्घटनास्थल की ही खोजबीन करते रहे। बाद में ग्रामीणों ने किसी तरह खाई में उतरकर शवों और घायलों को बाहर निकाला।
सूचना पर विधायक दान सिंह भंडारी, बसपा नेता तारा दत्त पांडे, जिला पंचायत सदस्य बीरराम, ज्येष्ठ प्रमुख कुंदन नयाल, कोटली के प्रधान नंद लाल, पूर्व प्रधान दीवानी राम, कृष्णानंद जोशी, एसडीएम राकेश तिवारी, तहसीलदार नवाजिस खलीक, पटवारी हेम जोशी, पूरन सनवाल भी मौके पर पहुंचे।
टाटा सूमो हादसे में मारे गए तीनों मृतकों खष्टी देवी, दुर्गा देवी और भूपाल सिंह के शवों का पोस्टमार्टम दुर्घटनास्थल के समीप ही देर शाम किया गया। विधायक दान सिंह भंडारी ने डीएम दीपक रावत को फोन पर क्षेत्र की विषम भौगोलिक स्थिति की जानकारी देते हुए हादसे में मारे गए लोगों का पोस्टमार्टम मौके पर ही कराने को कहा।
इस पर डीएम ने बीडी पांडे अस्पताल से डा. अजय और डा. एनएस रावत को मौके पर भेजा। एसडीएम राकेश तिवारी ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद देर शाम तीनों मृतकों के शव उनके परिजनों को सौंपे।
ओखलकांडा ब्लाक के अधिकांश गांवों को जाने वाली सड़कों की स्थिति ऐसी है कि उनमें एक ही गाड़ी चल सकती है। यदि सामने से दूसरी गाड़ी आ जाए तो पास लेना भी मुश्किल हो जाता है। बावजूद इसके अधिकांश सड़कों के किनारे पैराफिट नहीं हैं।
यदि पुटपुड़ी और कोटली के मध्य पैराफिट होते तो हादसा टल सकता था। ग्रामीणों के मुताबिक मोरनौला से देवली छेड़ाखान तक सड़क सिंगल है। सड़क के एक ओर पहाड़ी है तो दूसरी ओर गहरी खाई। बताया जाता है कि 25 दिसंबर 2011 को इसी रोड में देवली छेड़ाखान के पास एक जीप के खाई में गिरने से छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी।
विधायक दान सिंह भंडारी ने एसडीएम राकेश तिवारी से कहा कि वह मृतकों के परिजनों और घायलों को मुआवजा दिलाने संबंधी कागजी कार्रवाई को शीघ्र कराएं। इधर, बसपा नेता और पूर्व जिला पंचायत सदस्य तारा दत्त पांडे ने बताया कि उन्होंने भी सीएम हरीश रावत को घटना की जानकारी देते हुए मुआवजा देने की मांग की है। इधर, कांग्रेस नेता राम सिंह कैड़ा ने भी मृतकों के परिजनों और घायलों को मुआवजा देने की मांग की है।