सेंट जेवियर के छात्रावास में रहने वाले 5वीं के छात्र की सोमवार को अचानक तबियत बिगड़ गई। विद्यालय प्रबंधन ने परिजनों को इसकी सूचना दी। हल्द्वानी निवासी परिजन तत्काल विद्यालय पहुंचे और छात्र को बीडी पांडे अस्पताल में भर्ती कराया।
परिजनों ने विद्यालय प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि छात्र लगभग दो घंटे तक बेहोश रहा, लेकिन प्रबंधन ने उसे अस्पताल में भर्ती करने की जहमत नहीं उठाई।
जानकारी के मुताबिक कृष (12) पुत्र जीवन सिंह निवासी भट्ट कालोनी हल्द्वानी ने इसी वर्ष मई माह में यहां प्रवेश लिया। सोमवार की सुबह उसकी हालत बिगड़ी, लेकिन वह ठीक था।
दोपहर लगभग 12 बजे वह बेहोश हो गया। जिसके बाद प्रबंधन ने इसकी सूचना परिजनों को दी। लगभग 2.30 बजे परिजन विद्यालय पहुंचे।
जहां कृष उन्हें बेहोशी की हालत में मिला। वह उसे बीडी पांडे में इलाज के बाद परिजन हल्द्वानी ले गए। छात्र की मां अंजलि, मामा गौरव, मामी रेनू, नानी कला ने विद्यालय प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया।
कहा कि सुबह से तबियत बिगड़ने तथा 12.30 बजे बेहोश होने के बावजूद विद्यालय प्रबंधन ने उसे प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भर्ती नहीं कराया।
उन्होंने यह भी कहा कि स्वयं प्रधानाचार्य उनके पुत्र का ख्याल रखते हैं तथा समय पर खाने आदि को भी पूछते हैं। अस्पताल पहुंचे छात्र के स्थानीय अभिभावक केके शर्मा ने कहा कि प्रबंधन ने उन्हें भी इस बाबत जानकारी नहीं दी, उस दौरान वह विद्यालय से कुछ ही दूर थे।
इधर, कार्यवाहक प्रधानाचार्य नईम अली खान ने कहा कि परिजनों में उसकी दिमागी बीमारी के बारे में बताया था, इसीलिए परिजनों का इंतजार किया। हालांकि उन्होंने अपनी गलती स्वीकारी। कृष का इलाज करने वाले डा. एमएस दुग्ताल ने बताया कि वह मिर्गी का मरीज है।