शेरवुड स्कूल के छात्र से कुकर्म करने के मामले में अदालत ने दोषी गार्ड को छह साल की सजा सुनाई। साथ ही पांच हजार रुपये जुर्माने भी लगाया।
जुर्माना न देने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। शेरवुड स्कूल में आईएएस अधिकारी के पुत्र के साथ गार्ड द्वारा कुकर्म करने के मामले में उसके पिता ने नौ अक्टूबर को तल्लीताल थाने में तहरीर दी थी।
जिसके आधार पर पुलिस ने प्रधानाचार्य पर 21 पास्को एक्ट, वार्डेन रवि पंत पर जुवेनाइल एक्ट और गार्ड आकाश मंडल पर धारा 377, 511, और पॉक्सोे 8, 10, 18 के तहत मुकदमा दर्ज किया। मामले में एडिशनल एसपी श्वेता चौबे और एसआई श्वेता नेगी ने विवेचना की थी।
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो प्रीतु शर्मा की अदालत में चार्जशीट दायर होने के बाद अभियोजन पक्ष ने साक्ष्यों के समर्थन में सात गवाह पेश किये। अदालत में बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि प्रधानाचार्य ने रिपोर्ट इसलिए दर्ज नहीं कराई, क्योंकि वह छात्र के पिता का इंतजार कर रहे थे।
वहीं अभियोजन पक्ष इस दलील को गलत साबित कर रहा था। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आकाश मंडल को दोषी माना। शुक्रवार को न्यायालय ने गार्ड को छह साल कारावास के साथ पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।