पीरूमदारा में नेशनल हाइवे से अतिक्रमण हटाने का अभियान लगातार दूसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रहा। अभियान के दौरान प्रशासन और एनएच की संयुक्त टीम ने शेष बचे अतिक्रमण को ध्वस्त कराया। पहले दिन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जद में आए कई परिवारों ने सामान समेत सड़क पर ही रात गुजारी।
बता दें कि पहले दिन बृहस्पतिवार को चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत करीब 90 फीसदी अतिक्रमण हटाया गया था।
इधर, व्यापारी और लोगों ने प्रशासन तथा एनएच की कार्रवाई को भेदभाव पूर्ण बताते हुए कहा कि एक व्यक्ति के फायदे के लिए प्रशासन तथा एनएच के अधिकारी हाईकोर्ट की आड़ में गरीबों का उत्पीड़न कर रहे हैं।
बता दें कि पीरूमदारा निवासी एक व्यक्ति ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर नेशनल हाइवे से अतिक्रमण हटाने की मांग की थी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद एनएच की सीमा में हुए अतिक्रमण की जद में आ रहे कच्चे-पक्के 63 भवनों का चिन्हीकरण कर लिया था।
जिसके बाद क्षेत्र में अतिक्रमण ध्वस्त करने की मुनादी करवाकर तय समय पर एनएच तथा प्रशासन की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में लगातार दूसरे दिन अतिक्रमण हटाया। वहीं अतिक्रमण में टूटे भवनों का मलवा भवन स्वामी एकत्र कर अन्यत्र ले जाने की तैयारी में लगे हुए हैं।
अभियान के दौरान एसडीएम सीएस मर्तोलिया, सीओ स्वतंत्र कुमार, कोतवाल कैलाश पवार, एनएच की ईई मीना भट्ट दो आंसू गैस यूनिट, तीन फायर ब्रिगेड, एक कंपनी पीएसी, एक प्लाटून महिला पीएसी के साथ ही भीमताल थानाध्यक्ष केआर पांडे, मुक्तेश्वर के एनएन पंत, कालाढूंगी के संजय पांडे, बेतालघाट मंगल सिंह नेगी, रामनगर के कस्बा इंचार्ज प्रताप नेगी, मालधनचौड़ के चेतन रावत, ढेला कमलेेश भट्ट, पीरूमदारा राजेश यादव सहित भवाली, तल्लीताल, मल्लीताल की भी पुलिस फोर्स मौजूद रही।