विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) प्रीतू शर्मा की अदालत ने नाबालिग के बलात्कारी को 12 साल कारावास के साथ 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड नहीं देने पर अदालत ने दो माह की अतिरिक्त सजा देने के आदेश दिए हैं।
विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र सिंह नेगी के अनुसार मुक्तेश्वर क्षेत्र की रहने वाली 11 साल की लड़की सहेली के साथ 10 फरवरी 2015 को नथुवाखान जंगल में लकड़ी बीनने के लिए गई थी। जंगल में भूमका नाई का रहने वाला बासुदेव उर्फ बासु ने दोनों को एयरगन से आतंकित किया।
सहेली के सामने उसने 11 साल की किशोरी के साथ बलात्कार किया। इस मामले में दोनों नाबालिगों ने परिजनों को घटना से अवगत कराया था। परिजनों ने इस मामले में 12 फरवरी को मुक्तेश्वर थाने में मुकदमा बलात्कार और धमकी देने का मुकदमा दर्ज कराया।
महिला उपनिरीक्षक रेवती पंत ने मुकदमे की विवेचना कर साक्ष्य एकत्र किए। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुना। अभियोजन पक्ष ने अपने साक्ष्यों के समर्थन में नौ गवाहों को पेश किया। अदालत ने सुनवाई के बाद अभियुक्त बासुदेव को बलात्कार का दोषी पाया।
अदालत ने धारा 376 (2) (आई) के तहत 12 साल की कैद, दस हजार जुर्माना, जुर्माना अदा नहीं करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास, धारा 506 के तहत दो वर्ष की कैद, दो हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना नहीं देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास के दंड से दंडित कर दिया।