नाबालिग साली से बलात्कार मामले को दबाने के लिए एक बिचौलिए ने आरोपी से 30 हजार का सौदा किया था। पैसा मिलने पर बिचौलिए ने समझौता पत्र तैयार कर टीपीनगर पुलिस चौकी को सौंपा। जांच में मामला सामने आया। कोतवाल का कहना है कि आरोपी को भगाने में कुछ लोगों ने मदद की है।
टीपीनगर क्षेत्र में रहने वाली एक किशोरी का उसके जीजा ने ढाई माह तक यौन शोषण किया। शिकायत करने पर वह पीटने की धमकी देता था। गर्भ ठहरने पर 11 फरवरी को वह चुपके से बहन के घर से भाग निकली और अपनी सहेली के बिठौरिया स्थित घर रहने लगी। इधर जीजा ने टीपीनगर पुलिस चौकी में गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कराया। लड़की जीजा के साथ रहने के लिए तैयार नहीं थी। समझौता पत्र देने पर पुलिस ने आगे की कार्रवाई नहीं की। जीजा नाबालिग साली की सहेली को भी धमकी देने लगा।
सहेली ने इस मामले में महिला संगठनों से मदद की गुहार लगाई। महिला संगठन की पदाधिकारियों ने कोतवाली में जाकर इस मामले को उठाया तो पुलिस ने जीजा लक्ष्मण के खिलाफ धारा 376 और पास्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। इस मामले में आरोपी को पुलिस पकड़ने में विफल रही। पुलिस की जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। कोतवाल आरएस मेहता का कहना है कि एक बिचौलिए ने आरोपी लक्ष्मण से मामले को रफा दफा करने के लिए 30 हजार रुपए लिए थे। उसने ही समझौता पत्र तैयार कराया था। मुख्य आरोपी को पुलिस गिरफ्तार करने में जुटी है। मुख्य आरोपी के पकड़े जाने के बाद सौदे का खुलासा किया जाएगा। वैसे पुलिस ने पैसे लेनदेन के समय उपस्थित लोगों को चिन्हित कर लिया है। लेनदेन के मामले की जानकारी करने के लिए पुलिस ने तीन लोगों से पूछताछ की है।