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30 रुपए का इनामी 30 साल से फरार

Sat, 24 Jan 2015 01:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
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कहते हैं कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं, अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो कानून के हाथ उस तक पहुंच ही जाते हैं। इधर, कोतवाली पुलिस के लिए यह जुमला शायद बेमानी हो चुका है या फिर शायद पुलिस भी इनामी रकम देखकर ही अपराधी पकड़ती है, क्योंकि कई अपराधी फरार होने के सालों बाद भी उसकी पकड़ से बाहर हैं।
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यह सारी कहानी बयां कर रहा है कोतवाली का मफरूर रजिस्टर। इस रजिस्टर में 12 ऐसे फरार आरोपियों के नाम शामिल हैं जिन पर 30 रुपए से लेकर 200 रुपए तक का इनाम घोषित है और इनमें एक अपराधी भैरव दत्त जोशी तो 30 सालों से फरार है, जिसका पुलिस आज तक पता नहीं लगा पाई है।
बरेली जिले के दलगतपुर मीरगंज निवासी भैरव दत्त जोशी पुत्र गंगाधर जोशी के खिलाफ 1985 में धारा 324 के तहत घातक हमले का मुकदमा दर्ज हुआ था। गिरफ्तारी के बाद उसने जमानत ली और फिर गायब हो गया। अदालत से वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने भैरव दत्त की तलाश की लेकिन उसका आज तक कहीं पता नहीं चल पाया। तत्कालीन एसएसपी ने भैरव को गिरफ्तार करने के लिए 30 रुपए का इनाम घोषित किया था। इनाम घोषित होने के 30 साल बाद आज तक अभियुक्त का पता नहीं चल सका है।
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इसी प्रकार पीपी गैंग से जुड़े इंदिरानगर निवासी नासिर पुत्र अब्दुल वाहिद के खिलाफ भी वर्ष 2000 में हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ। नासिर ने भी जमानत ली और तब से फरार है।

पुलिस ने उस पर 200 रुपए का इनाम घोषित किया था लेकिन 15 साल बाद आज तक कानून के हाथ उस तक नहीं पहुंच सके और न ही वह घर ही लौट कर आया। इसी प्रकार बड़ौत हरियाणा के प्रकाश सिंह, अतुल, हीरालाल, पप्पू प्रताप सिंह सहित 10 और अपराधी हैं जो 10-12 सालों से फरार हैं और उन पर भी कमोवेश इतना ही इनाम घोषित है लेकिन आज तक पुलिस को इनमें से किसी के खिलाफ कोई सुराग नहीं मिल सका।

मामले में एसएसआई एनबी भट्ट का कहना है कि पुलिस बराबर मफरूरों की खोज कर रही है। इधर, विभागीय सूत्रों का कहना है कि अधिकारियों ने इन अपराधियों की गिरफ्तारी में कोई रुचि नहीं ली, इसी कारण फरार अपराधियों पर इनाम नहीं बढ़ाया गया।
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