उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के 32 इनामी समेत करीब 104 बदमाश दोनों ही राज्यों की पुलिस के लिए चुनौती बने हुए हैं। वारदात करने के बाद लंबे समय से उत्तराखंड के 56 बदमाश यूपी और यूपी के 48 बदमाश उत्तराखंड में छिपे हैं। बावजूद इसके दोनों राज्यों की पुलिस इनकी गिरफ्तारी के बजाए हाथ में हाथ धरे बैठी है।
उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल एवं चंपावत जिले के कुछ भाग को छोड़ दिया जाए तो ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार जिले का अधिकांश भाग यूपी के बिजनौर, रामपुर, मुरादाबाद, बरेली, पीलीभीत जिले से सटा हुआ है। ऐसे में दोनों ही राज्यों के अपराधी वारदात कर आसानी से एक-दूसरे राज्य में प्रवेश कर जाते हैं। डेढ़ दशक से दोनों ही राज्यों के करीब 104 बदमाश उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में छिपे हैं, इनमें से 32 बदमाश पांच सौ रुपए से लेकर 50 हजार रुपए तक के इनामी हैं।
पुलिस आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश के पीलीभीत, बरेली, रामपुर, मुरादाबाद एवं बिजनौर जिले के करीब 12 इनामी बदमाशों समेत 48 बदमाश राज्य के कई जिलों में शरण लिए हुए हैं। वहीं उत्तराखंड से वांछित चल रहे 20 इनामी बदमाशों समेत 56 बदमाश यूपी के जिलों में छिपे हैं। बावजूद इसके अब तक ये बदमाश पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े। हालांकि जनवरी 2015 में दोनों ही राज्यों के पुलिस अधिकारियों की वांछित बदमाशों को चिन्हित कर उनकी धरपकड़ के लिए ऊधमसिंह नगर में बैठक भी हुई थी, लेकिन अब तक एक भी वांछित बदमाश को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
वांछित बदमाशों की गिरफ्तारी को यूपी और उत्तराखंड पुलिस तालमेल बैठाकर काम कर रही है। पहले ऐसे बदमाशों की लोकेशन का पता लगाकर उन्हें चिन्हित किया जा रहा है। बदमाशों के चिन्हित होने के बाद दोनों ही राज्यों की पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर एक दूसरे के सुपुर्द करेगी।
-सैंथिल अबुदेई, एसएसपी, नैनीताल