एसटीएच की तीसरी मंजिल से कूद गया मरीज
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सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) के सी वार्ड में भर्ती मरीज ने मंगलवार सुबह सात बजे खिड़की खोलकर तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। वह रैंप पर गिर पड़ा। उसका एक पैर टूट गया। डॉक्टरों का कहना है कि तनाव के चलते वह भागना चाहता था।
शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश) के नगरा बिरहान निवासी संतोष हल्द्वानी में बिठौरिया नंबर एक में परिवार के साथ रहकर एक किसान का ट्रैक्टर चलाता है। दो दिन पहले वह ट्रैक्टर लेकर खेत में गया था, वहां जहरीला पदार्थ खा लिया।
हालत बिगड़ने पर किसान ने उसे सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया। उसका इलाज वार्ड सी के बेड संख्या 13 पर चल रहा था। मंगलवार सुबह उसकी पत्नी कमला बच्चों के लिए खाना बनाने के लिए घर चली गई थी। इस बीच उसने अस्पताल की खिड़की खोलकर छलांग लगा लिया।
इस घटना से अस्पताल परिसर में खलबली मच गई। कर्मचारियों ने देखा तो वह रैंप पर गिरा था। एक पैर टूटने के कारण वह खड़ा नहीं हो रहा था। उसे तुरंत इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। पता चला है कि पहले भी वह दो बार जहर खाकर जान देने की कोशिश कर चुका है।
पत्नी ने बताया कि उसकी दो बेटियां और दो बेटे हैं। डॉक्टरों को शक है कि संतोष अस्पताल से भागना चाहता था। अधीक्षक एके पांडे ने अब बरामदे के दरवाजे को बंद करा दिया है ताकि खुले स्थान से कोई अन्य मरीज कूदने की कोशिश न कर सके।
मरीज के पैर में फैक्चर हुआ है। पहले भी वह कई बार जान देने की कोशिश कर चुका है। पैर टूटने के कारण उसे आर्थोपेडिक्स विभाग में भर्ती किया गया है। खतरे की कोई बात नहीं है।
- एके पांडेय, चिकित्सा अधीक्षक, एसटीएच