प्रशासन की चेतावनी के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाने वालों के खिलाफ रविवार को डीएम ने खुद मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने चिह्नित अतिक्रमण को अपने सामने जेसीबी से ध्वस्त कराया। इसके अलावा सड़क तक दुकान लगाकर कारोबार करने वाले व्यापारियों का सामान जब्त किया। कई वाहनों का चालान भी किया गया। अतिक्रमण हटाओ अभियान मुख्य रूप से नैनीताल रोड पर चलाया गया।
जिलाधिकारी दीपक रावत ने सिटी मजिस्ट्रेट हरबीर सिंह, एसडीएम पंकज उपाध्याय, कोतवाल आरएस मेहता और सीपीयू प्रभारी मनीष शर्मा के साथ अतिक्रमण हटाने को लेकर बैठक की। इसके बाद अपने कार्यालय के सामने नैनीताल रोड से अभियान शुरू किया। नैनीताल रोड पर चार पहिया वाहन पार्ट्स और टायर के दुकानदारों ने अपने सामान से सड़क घेर रखी थी।
तो कई जगह अतिक्रमण कर पक्का निर्माण भी किया गया था। जेसीबी और लोडर से अतिक्रमण तोड़ा गया। प्रशासन की टीम ने सड़क से फ्लैक्सी और सामान भी जब्त किया। नैनीताल रोड पर जेसीबी ने अतिक्रमण कर बनायी सीढ़ियां तोड़ी। इसके बाद एक अन्य दुकान की दीवार तोड़ने की कार्रवाई होने पर एक बच्ची रोने लगी। उसने समझा कि अधिकारी उसका मकान तोड़ रहे हैं।
अतिक्रमण के खिलाफ अभियान डीएम कैंप आफिस से कालटैक्स, पनचक्की, दो नहरिया रोड होते मुखानी चौराहे तक चला। जिलाधिकारी ने मुखानी चौराहे पर अतिक्रमण का जायजा लिया। कोतवाल ने बताया कि अभियान के दौरान 10 लोगों से 3500 रुपए नगद जुर्माना वसूला गया। 35 वाहनों का एमवी एक्ट के तहत और 35 वाहनों का चस्पा चालान किया गया।
इसी प्रकार सामान सड़क पर रखने के मामले में 12 का पुलिस एक्ट और 26 का कोर्ट के तहत पुलिस ने चालान काटा। डीएम ने बरेली रोड, रामपुर और कालाढूंगी रोड के दुकानदारों से अपना सामान दुकान के अंदर रखने की अपील की है। अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत सामान जब्त करने के साथ जुर्माना भी वसूल किया जायेगा।
जिलाधिकारी का कहना है कि शहर में कई व्यवसायिक भवन बन रहे हैं। इन भवनों में पार्किंग की भी व्यवस्था होनी चाहिए। लोग बेसमेंट को गोदाम के तौर पर प्रयोग कर रहे हैं। जिस व्यवसायिक भवन के आगे पार्किं ग पायी जायेगी ऐसे भवनों को सील करने की कार्रवाई की जायेगी।