कोतवाली पुलिस के हत्थे चढ़े तस्कर ने खुलासा किया कि वह छद्म नाम से दूसरी बार कनाडा अफीम भेज रहा था, लेकिन सफल नहीं हो सका। इस काले धंधे में बरेली के उसके चार साथी भी शामिल हैं।
चूंकि बरेली में वह पिछले साल गिरफ्तार हुआ था। इस कारण वह हल्द्वानी को काले धंधे के लिए सुरक्षित स्थान समझ रहा था।
पुलिस ने अफीम तस्करों को पकड़ने के लिए बरेली सहित अन्य ठिकानों में छापा मारा लेकिन तस्कर पुलिस के हाथ नहीं लग पाए। पुलिस को आशंका है कि यह गैंग नेपाल सहित अन्य देशों में अफीम सप्लाई करता है। पार्सल में धार्मिक पुस्तक को काटकर 450 ग्राम अफीम पैक की गई थी।
सीओ राजेंद्र सिंह ह्यांकी ने पत्रकारों को बताया कि मंगलपड़ाव चौकी प्रभारी नीरज भाकुनी को शनिवार को सूचना मिली कि एक तस्कर पार्सल के माध्यम से अफीम विदेश भेजता है। सूचना के आधार पर पुलिस ने एक तस्कर को रोडवेज पर पार्सल करते समय धर दबोचा।
पकड़ा गया नन्हे लाल पुत्र जगपाल बरेली जिले के गुलाबनगर फरीदपुर का रहने वाला है। वह पहले देवलचौड़ बंदोबस्ती में किराए का कमरा लेकर मजदूरी करता था। उसने बताया कि वह दूसरी बार अफीम का पार्सल भेजने के लिए यहां आया था। उसे एक बार पार्सल भेजने पर पांच हजार रुपये अतिरिक्त मिलते हैं।
बरेली पुलिस ने उसे पिछले साल जनवरी में अफीम के साथ गिरफ्तार किया था। इस धंधे में उसके साथ गुलाबनगर के कमाले, जहरूद्दीन, इस्लाम नबी और दयाराम शामिल हैं। धार्मिक पुस्तक में अफीम भेजने का दिमाग उसके साथियों का है।