बड़े नोट बंद होने से ठंडे पड़े बाजार में शुक्रवार को भी कारोबार में तेजी नहीं आ सकी। दुकानों पर इक्का दुक्का ग्राहक ही खरीदारी करने पहुंचे। इधर, कई प्राइवेट बैंकों में नोट जमा करने को लेकर व्यापारी काफी परेशान रहे तथा शाम चार बजे बाद काउंटर बंद कर दिए।
मुख्य बाजार में रेडीमेड गारमेंट, बर्तन बाजार एवं किराना की दुकानों पर शुक्रवार को भी सुनसान रही। लाखों का व्यापार करने वाले कई बड़े कारोबारी खाली बैठे रहे। हालांकि कुछ दुकानदार अपने परिचितों की दिक्कतों को देखते हुए उन्हें सामान अवश्य देते देखे गए लेकिन कुछ व्यवसायियों को छोड़ कोई बड़े नोट कोई नहीं ले रहा था।
दुकानदारों का कहना था कि तीन दिन हो गए और पांच हजार की बिक्री भी नहीं हो पा रही है। बर्तन व्यवसायी राजीव अग्रवाल ने बताया कि आरबीआई के नियमों के बावजूद कालाढूंगी रोड बैंक शाखा में शाम 4 बजे 500 और 1000 के नोट लेने से इनकार कर दिया गया।
इसी तरह राम ज्वैलर्स के संजय गुप्ता और सरदार राजन सिंह ने सदर बाजार, मीरा बाजार में बैंक शाखा में पैसा जमा होने में परेशानी बताई। उनका कहना था कि समय से पहले ही काउंटर बंद कर दिए गए। इधर, शुक्रवार को सर्राफा दुकानों में भीड़ दिखाई नहीं दी।
दो दिनों तक सोना और हीरे के आभूषण खरीदने वालों की खासी भीड़ रही थी। उधर, पब्लिक स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपाल बिष्ट ने कहा है कि निर्धारित मानकों के अनुसार स्कूलों में बड़े नोट जमा नहीं हो सकते हैं। इसलिए वे अपने यहां अभिभावकों से फीस के रूप में 500 एवं 1000 के नोट नहीं ले रहे हैं।
डेली कलेक्शन एजेंटों से नहीं लिए बड़े नोट
अल्मोड़ा अर्बन कोआपरेटिव बैंक की बाजार शाखा में 500 से अधिक डेली डिपोजिट करने वाले ग्राहक हैं लेकिनडेली कलेक्शन एजेंटों से बैंक ने अब 500 और 1000 के नोट लेने बंद कर दिए। डेली कलेक्शन कर्मी पीडी जोशी ने बताया कि बैंक द्वारा बड़े नोट लेने से मना करने से वह अभी डेली कलेक्शन नहीं कर रहे हैं।