डीजीपी द्वारा जारी पुलिस एप नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में ही सक्रिय है। पहाड़ के अन्य जिलों में पुलिस को शिकायतें ही नहीं मिल रही हैं। चंपावत जिले में सूचना शून्य हैं।
पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले में मामूली सूचनाएं एप के माध्यम से मिल रही हैं। डीआईजी अजय रौतेला ने स्वीकार किया कि पुलिस एप पहाड़ में सफल नहीं है।
डीआईजी रेंज कार्यालय के अनुसार नैनीताल जिले में किराएदारों के सत्यापन के 173 मामले आए। खोया पाया में 399 शिकायतें मिली हैं। इस मामले में एसओजी ने आठ मोबाइल बरामद किए और 225 मामलों का निस्तारण किया।
आठ आपराधिक शिकायतें मिली हैं। इनमें छह का एसओजी ने निस्तारण किया है। दो मामले विचाराधीन हैं। ऊधमसिंह नगर में एप पर 40 किराएदारों के सत्यापन, 452 नौकरों के सत्यापन और 100 गुमशुदगी के मामले दर्ज हुए हैं।
इसी प्रकार आपराधिक घटनाएं भी एप पर आ रही हैं। पुलिस ने गुमशुदगी की काफी शिकायतों का निस्तारण किया है। चंपावत में एक भी सूचना एप पर नहीं मिली है।
बागेश्वर में पुलिस एप पर सिर्फ तीन किराएदारों और दो नौकरों के सत्यापन की दर्ज हुए। अल्मोड़ा पुलिस के पास चार किराएदारों, एक नौकर का सत्यापन आया है। दो खोया-पाया और एक आपराधिक मामला आया है।
पिथौरागढ़ जिले में पांच किराएदारों के सत्यापन दर्ज हुए हैं। नौकर सत्यापन या गुमशुदगी के मामले की पुलिस के सामने नहीं आए हैं। डीआईजी अजय रौतेला ने बताया कि कुमाऊं रेंज में सिर्फ नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में एप पर लोग सक्रिय है।
पहाड़ में लोग एप का इस्तेमाल कम कर रहे हैं। इस मामले में आम जनता को सक्रिय किया जाएगा।