चाची के साथ रहकर डीएसबी कैंपस से एमए कर रही छात्रा ने शनिवार दोपहर पंखे में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है। जिस समय यह घटना हुई उस वक्त छात्रा के अलावा घर पर कोई नहीं था।
एसआई मनवर सिंह ने बताया कि पदमपुरी के स्कूल में तैनात टीचर ममता यहां विकास भवन मार्ग में मोहन चंद्र के मकान में किराए में कमरे में रहती हैं। वह पदमपुरी के प्राइमरी स्कूल में तैनात हैं जबकि पति चंद्र प्रकाश पिथौरागढ़ के थल में प्रोफेसर हैं। ममता के साथ भतीजी 24 वर्षीय अनीता पुत्री देवेंद्र प्रसाद निवासी सौड बड़ौन नैनीताल रहती थी।
एसआई के अनुसार शनिवार की सुबह ममता ड्यूटी और दोनों बच्चे स्कूल चले गए थे। घर पर अनीता अकेली थी। दोपहर पड़ोसियों ने किसी काम के लिए अनीता को आवाज लगाई मगर दरवाजा नहीं खुला। उन्होंने बगल में रहने वाले मकान मालिक मोहन चंद्र को इस बारे में बताया। मोहन ने दरवाजे की जाली काटकर कुंडा खोला और अंदर देखा गया तो अनीता को पंखे लटका पाया। उन्होंने तुरंत भीमताल पुलिस को सूचना दी।
पीएचडी करना चाहती थी अनीता
भीमताल। ममता ने बताया कि अनीता ऐसा भी कर सकती है, उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था। वह पीएचडी कर प्रोफेसर बनना चाहती थी। पढ़ने में काफी अच्छी थी। पड़ोसियों ने बताया कि शनिवार की दोपहर 11 बजे अनीता खुश थी। उसने तब खूब बातें की। इसके बाद न जाने क्या हुआ। उसने कमरा बंद कर खुदकुशी कर ली। हालांकि बातचीत में उसने सिर में दर्द होने की बात कही थी।
शायरी लिखने का शौक था
भीमताल। अनीता के बैग से पुलिस को एक डायरी मिली है जिसमें शायरियां लिखी गई हैं। पुलिस के मुताबिक अनीता को शायरी लिखने का शौक था। एसआई मनवर सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया आत्महत्या की बात सामने आ रही है। हालांकि सोसाइड नोट नहीं मिला है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल पाएगा। पुलिस ने मोबाइल फोन और डायरी को कब्जे में ले लिया है।