गदरपुर के विधायक अरविंद पांडे 54 दिन हल्द्वानी जेल में रहने के बाद शनिवार को रिहा हो गए। न्यायालय से रिहाई के आदेश की जानकारी मिलते ही सैकड़ों समर्थक भाजपा नेताओं के साथ हल्द्वानी जेल पहुंचे। रिहाई होते ही ढोल नगाड़ों के साथ समर्थकों ने जोरदार जुलूस निकाला।
विधायक अरविंद पांडे गदरपुर में नायब तहसीलदार के साथ मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में हल्द्वानी जेल में बंद थे। विधायक पर चश्मा और टोपी की डकैती का मुकदमा भी दर्ज था।
विधायक ने जेल में रहते हुए गदरपुर चीनी मिल बंद करने के आदेश के विरोध में आमरण अनशन भी किया था। इसमें उनकी हालत खराब हो गई और सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। लोक नायक जय प्रकाश नारायण जयंती पर विधायक ने अस्पताल में अनशन तोड़ा था।
नायब तहसीलदार के साथ मारपीट कर सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में एसीजेएम काशीपुर से उन्हें जमानत मिल गई। जबकि बाकी धाराओं में पहले ही जमानत मिल चुकी है।
कोर्ट से जमानत के आदेश से समर्थक खुशी से झूम उठे और ढोल नगाड़ों के साथ हल्द्वानी जेल पहुंच गए। सैकड़ों समर्थकों के काफिले से कालाढूंगी रोड में जाम की स्थिति रही।
समर्थक जेल से उनकी रिहाई का इंतजार करते रहे। शाम करीब साढ़े पांच बजे विधायक अरविंद पांडे की 54 दिन बाद जेल से रिहाई हुई तो समर्थकों ने नारेबाजी के साथ जोरदार जुलूस निकाला। जुलूस में रुद्रपुर विधायक राजकुमार ठुकराल, जिलाध्यक्ष उत्तम दत्ता समेत सैकड़ों समर्थक मौजूद थे।